
अपनी ही सरकार के खिलाफ मुखर हुए भरत वर्मा, कहा- जनता सर्वोपरि, जनता की परेशानी दूर करना मेरी पहली प्राथमिकता
राजनांदगांव/डोंगरगांव। भले ही मामला अपनी ही पार्टी और अपनी सरकार से जुड़ा हो, लेकिन एक जनप्रतिनिधि के लिए जनता की सेवा और उनकी परेशानियां सबसे पहले हैं। इसी दृढ़ संकल्प के साथ जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता भरत लाल वर्मा सड़क निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार, गुणवत्ताहीनता और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव को पत्र लिखकर डोंगरगांव और राजनांदगांव क्षेत्र में चल रहे बहुप्रतीक्षित सड़क निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वर्मा का यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जहां उन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है और पार्टी या सरकार से ऊपर हमेशा आम जनता होती है।
पत्र और स्थानीय शिकायतों के हवाले से खबर में बताया गया है कि डोंगरगांव नगर के मुख्य मार्ग का चार-लेन चौड़ीकरण कार्य लगभग चार वर्ष पूर्व प्रारंभ हुआ था, जो आज तक पूर्ण नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि अभी तक विभाग को यह कार्य विधिवत हैंडओवर भी नहीं किया गया है, लेकिन सड़क की सतह जगह-जगह उखड़ चुकी है और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
क्षेत्र के निवासियों को अच्छी सड़क मिलने के बजाय धूल, गड्ढे, जलभराव और भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम नागरिकों को प्रतिदिन भारी परेशानी उठानी पड़ रही है, जिससे शासन और विभाग की छवि भी धूमिल हो रही है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सड़क निर्माण के दौरान GSB, WMM, सब-ग्रेड, और डामरीकरण जैसे तकनीकी मानकों का घोर उल्लंघन किया गया है। मानक के अनुसार कार्य न होने के कारण हल्की बारिश में ही सड़क उखड़ने लगी है और डामर की परत गायब हो चुकी है। इसके अलावा, डोंगरगांव नगर में सड़क निर्माण के साथ बनाई गई नई नालियों के कारण जलभराव की समस्या कम होने के बजाय और अधिक बढ़ गई है, जिससे कई दुकानों और मकानों में पानी भर रहा है।
डोंगरगांव के अलावा राजनांदगांव से खैरागढ़ और राजनांदगांव से मोहला-मानपुर मार्ग के नवीनीकरण कार्यों में भी इसी तरह की गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। वर्षा ऋतु से ठीक पहले मिलिंग मशीन से सड़क उखाड़ दिए जाने और वैकल्पिक यातायात की व्यवस्था न होने के कारण वाहन चालक लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
भाजपा नेता भरत लाल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस मामले में किसी स्वतंत्र तकनीकी संस्था या NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करते हुए ब्लैकलिस्ट किया जाए।
जनता की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए तत्काल वैकल्पिक एवं सुधार कार्य सुनिश्चित किए जाएं।
वर्मा के इस कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि जनहित और सुशासन की रक्षा के लिए वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं, क्योंकि एक जनप्रतिनिधि के रूप में जनता का हित ही उनका सर्वोपरि धर्म है।

