राजगामी की 1 इंच भूमि पर भी नहीं होने दिया जाएगा अवैध कब्जा

उपाध्यक्ष मनोज निर्वाणी ने कहा- राजगामी संपदा को संरक्षित करना हमारी पहली प्राथमिकता, खाली पड़ी जमीनों पर लगेंगे चेतावनी बोर्ड
जितेंद्र जैन जीतू
राजनांदगांव। राजगामी संपदा के संरक्षण को लेकर उपाध्यक्ष मनोज निर्वाणी के सोशल मीडिया पर चल रहे एक तीखे और दो-टूक बयान ने राजनीतिक गलियारों में अचानक सरगर्मी बढ़ा दी है। निर्वाणी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राजगामी की एक इंच भूमि पर भी अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। संपदा को सुरक्षित रखना उनकी पहली प्राथमिकता है, जिसके तहत खेतों और खाली पड़ी जमीनों को चिन्हित कर वहां सुरक्षा बोर्ड लगाए जाएंगे।
इस बयान के सामने आते ही सियासी हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। जानकारों का मानना है कि यह बयान जितना प्रशासनिक सख्ती का संदेश देता है, उतना ही राजनीतिक गलियारों में कई तरह के अंदरूनी सवालों को भी जन्म दे रहा है।
मनोज निर्वाणी के इस आक्रामक रुख के बाद राजनीतिक विश्लेषकों और आम चर्चाओं में दो मुख्य बातें प्रमुखता से उभर कर सामने आ रही हैं: क्या यह अपनों के लिए चेतावनी है? या यह बयान उन प्रभावशाली लोगों और भू-माफियाओं पर निशाना है, जो अंदरखाने राजगामी संपदा पर नजर गड़ाए बैठे हैं? क्या इसमें पार्टी या संगठन से जुड़े कुछ अपने लोग भी शामिल हैं, जिन्हें इस चेतावनी के जरिए कड़ा संदेश दिया गया है?
राजनीतिक गलियारों में दबी जुबान से यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि संगठन या शासन स्तर पर अपेक्षित तवज्जो न मिलने से निर्वाणी खासे नाराज चल रहे। हाल ही में इनके लिये बॉयलाज के विपरीत सृजन किए गए पद पर भी आपत्ति उठाकर इन्हें हटाए जाने की खबरें भी प्रकाशित हुई हैं। जानकारों का मानना है कि हालिया सियासी समीकरणों और पर्दे के पीछे चल रही गतिविधियों के बीच इस तरह का कड़ा बयान उनकी राजनीतिक सक्रियता और अपनी बात को मुखरता से रखने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
फिलहाल, उपाध्यक्ष के इस बेबाक बयान ने प्रशासनिक अमले और राजनीतिक विरोधियों दोनों को ही सतर्क कर दिया है। देखना यह होगा कि इस बयान के बाद राजगामी संपदा के संरक्षण को लेकर जमीन पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है और पर्दे के पीछे चल रही इन सियासी चर्चाओं को क्या नया मोड़ मिलता है।