
पूर्व विधायक छन्नी चंदू साहू के साथ धरने पर बैठे किसान
जितेन्द्र जैन जीतू
राजनांदगाँव/मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अंबागढ़ चौकी में किसानों की पेशी को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। निर्धारित नियमों और तय समय के विपरीत, शाम ढलने के बाद पेशी किए जाने से दूर-दराज से आने वाले किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मनमानी और लचर व्यवस्था के विरोध में आज पूर्व विधायक छन्नी चंदू साहू किसानों के समर्थन में मैदान में उतर आईं और मौके पर ही धरने पर बैठ गईं।
नियमों के अनुसार, प्रत्येक बुधवार को एसडीएम कार्यालय में पेशी का समय सुबह 11 बजे से लेकर कार्यालयीन समय तक निर्धारित है। इस समयावधि में एसडीएम साहब को कार्यालय में उपस्थित रहकर मामलों की सुनवाई करनी चाहिए।
लेकिन आरोप है कि एसडीएम डोंगरगांव द्वारा इन नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है। तय समय पर पेशी लेने के बजाय रोजाना शाम 5:30 बजे के बाद या कार्यालय बंद होने के बाद पेशी की कार्रवाई की जाती है। अन्य सभी कार्य कार्यालयीन समय में होते हैं, परंतु किसानों के मामलों में इस तरह की देरी क्यों की जा रही है—इसे लेकर किसानों में भारी आक्रोश है।
क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों और दूर-दराज के गांवों से पेशी के लिए आने वाले किसानों को सुबह से कार्यालय में इंतजार करना पड़ता है। शाम या रात के वक्त पेशी होने के कारण किसानों को वापसी में आवागमन की गंभीर समस्याओं और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। किसानों का कहना है कि वे न्याय की आस में पूरा दिन बर्बाद करने को मजबूर हैं।
किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों और उनकी पीड़ा को देखते हुए आज पूर्व विधायक छन्नी चंदू साहू ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। किसानों की समस्याओं से रूबरू होने के बाद पूर्व विधायक ने किसानों के साथ वहीं धरने पर बैठने का निर्णय लिया।
जैसे ही अधिकारियों को पूर्व विधायक और किसानों के एकजुट होकर धरने पर बैठने की भनक लगी, एसडीएम मौके से नदारद हो गए। प्रशासनिक अमले की इस कार्यशैली ने किसानों और जनप्रतिनिधि का गुस्सा और अधिक भड़का दिया।
मौके पर मौजूद पूर्व विधायक छन्नी चंदू साहू ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासनिक व्यवस्था और इस ‘तानाशाही सिस्टम’ में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो किसान और वे खुद मिलकर अंबागढ़ चौकी एसडीएम कार्यालय के सामने एक वृहद और उग्र आंदोलन के रूप में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करेंगे।

