
प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
ये किस्सा उन दिनों का है……
जब साल 2010 के आस-पास संजय मिश्रा के पिता का निधन हो गया, और वो गहरे सदमे में चले गए थे। उसी दौरान वो खुद भी बहुत बीमार हो गए थे, जिससे उन्हें अस्पताल में एडमिट होना पड़ा था।
इन सब मुश्किलों से टूटकर उनका मन अभिनय और मुंबई की चकाचौंध से बिल्कुल भर गया और सब कुछ छोड़कर ऋषिकेश चले गए।
वहां उन्होंने अपनी पहचान छुपाकर एक सरदार जी के ढाबे पर काम करना शुरू कर दिया। वहां वे आने वाले ग्राहकों के लिए आमलेट बनाते और ढाबे के बर्तन तक धोया करते थे। ढाबे के ढाबे के मालिक को अंदाजा भी नहीं था कि उनके यहाँ काम करने वाला शख्स कौन है..?
लेकिन जब लोग ढाबे पर खाना खाने आते, तो वे उन्हें देखकर पूछते,
“अरे! आप गोलमाल फिल्म में थे ना?” इसके बाद लोग उनके साथ तस्वीरें खिंचवाने की जिद करने लगते।
धीरे-धीरे ढाबे पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। जब सरदार जी ने देखा कि उनके इस आमलेट बनाने वाले लड़के के साथ लोग इतनी तस्वीरें क्यों खिंचा रहे हैं,
तब उन्होंने संजय मिश्रा से पूछा कि आखिर वो हैं कौन?
तब सरदार जी को पता चला कि उनके ढाबे पर ये बर्तन धोने वाला कोई मामूली इंसान नहीं, बल्कि बॉलीवुड के बहुत बड़े अभिनेता संजय मिश्रा हैं।
इसी बीच डायरेक्टर रोहित शेट्टी अपनी अगली फिल्म ऑल द बेस्ट बनाने की तैयारी कर रहे थे। उन्हें इस फिल्म के एक किरदार के लिए सिर्फ और सिर्फ संजय मिश्रा ही चाहिए थे।
जब रोहित को पता चला कि संजय मिश्रा तो ऋषिकेश में ढाबे पर आमलेट बना रहे हैं, तो उन्होंने उनसे कांटेक्ट किया और मुंबई वापस आने के लिए मनाया।
रोहित शेट्टी के समझाने पर संजय मिश्रा वापस लौटे और उन्होंने फिल्म में शानदार काम किया, जिसके धोंडू बेटा, जस्ट चिल्ल..डायलॉग को आज भी लोग याद करते हैं।
पूरी फ़िल्म में सबसे बेस्ट पार्ट वही है जब उनकी एक्टिंग आती है, हँसते हँसते लोटपोट हो जाए इंसान उस फ़िल्म में उनकी एक्टिंग देखकर..
ऋषिकेश के ढाबे से शुरू हुआ खाना बनाने का ये शौक संजय मिश्रा के सिर से आज तक नहीं उतरा। उनके को-स्टार्ट्स बताते हैं कि वे आज भी फिल्मों की शूटिंग के दौरान बाहर का खाना नहीं खाते, बल्कि सेट पर अपनी एक चलती-फिरती रसोई रखते हैं, जहाँ वह खुद ताज़ा सब्ज़ियाँ पकाते थे। वे लौकी, तोरी और कद्दू जैसी सादी सब्ज़ियों के बेहद शौकीन हैं।
जब उनकी फिल्म दुर्लभ प्रसाद की दूसरी शादी की शूटिंग एक पुरानी हवेली के पास चल रही थी, तो संजय मिश्रा अपने को-स्टार श्रीकांत वर्मा के साथ पास के खेतों में टहलने निकले।
खेतों में ताज़ी लौकी और कद्दू लटके देखकर संजय मिश्रा का शेफ़ जाग उठा।
उन्होंने मजाक में अपने को-स्टार से कहा,
अरे देखो कितनी ताज़ी लौकी है! चलो कुछ तोड़ लेते हैं, रात को इसकी बढ़िया सब्ज़ी बनाएंगे।
सेट के लोग कहते थे कि संजय मिश्रा एक्टर कम और पूरी यूनिट के मुख्य रसोइया ज़्यादा लगते थे!
इस फ़िल्म का प्रमोशन करने के लिए मेकर्स ने एक बहुत ही अतरंगी रास्ता चुना था, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था।
फ़िल्म के पोस्टर और प्रोमो शूट के दौरान संजय मिश्रा दूल्हे के सेहरे में और महिमा चौधरी पूरी तरह दुल्हन के लाल जोड़े में तैयार हुईं। इसके बाद उन्होंने मीडिया के सामने बिल्कुल असली शादी की तरह पोज़ दिए और मिठाइयाँ बांटीं।
इंटरनेट पर ये वीडियो इतनी तेज़ी से वायरल हुआ कि लोग सच मान बैठे कि 52 साल की महिमा चौधरी ने चुपके से संजय मिश्रा से शादी कर ली है…कमेंट्स में लोग उन्हें बधाइयाँ देने लगे और कुछ लोग हैरान थे कि ये सब अचानक कैसे हुआ।
बाद में जब संजय मिश्रा ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि
“दुल्हन मिल गई है, बारात सिनेमाघरों में आएगी,”
तब जाकर लोगों को समझ आया कि यह उनकी आने वाली फ़िल्म का एक मज़ेदार पब्लिसिटी स्टंट था।
चाहे गंभीर किरदार हो या कॉमेडी, संजय मिश्रा ने हर रूप में हमारे दिलों पर राज किया है।
तो दोस्तों, आज बॉलीवुड के इस बेमिसाल और अतरंगी जादूगर का जन्मदिन है,
अब उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं तो देनी ही पड़ेगी, बस एन्जॉयिंग लाइफ, और ऑप्शन ही क्या है…?
अब आप बताइए कि आपको उनकी कौन सी फ़िल्म में एक्टिंग जबरदस्त लगी..?
लेकिन एक बार मेरे कहने पर आप उनकी ऑल द बेस्ट ज़रूर देखियेगा…❤️
और अगर देखी है तो बताइयेगा जरूर आपको कैसी लगी थी?
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