
खुशदीप सहगल, नई दिल्ली
नेहा बोरा- ये नाम पिछले कई महीनों से चर्चा में बना है. मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा की रहने वाली नेहा लेफ्ट से जुड़े संगठन All India Students Association (AISA) की अध्यक्ष हैं. साथ ही जेएनयू की पीएचडी शोधार्थी…
NEET के मुद्दे पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान नेहा जंतर मंतर पर आमरण अनशन पर बैठी थीं. कालकाजी में रेप की घटना में भी नेहा मुखर रहीं. SIR मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर भी नेहा ने 10 अक्टूबर को भी दिल्ली की सड़कों पर मोर्चा संभाला…
कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका विमान में ही गिरफ़्तार होने की वजह से प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंच सके. इस मामले में नेहा बोरा की रणनीति अधिक कारगर रही. वे न सिर्फ़ ख़ुद को दिल्ली पुलिस की अग्रिम कार्रवाई से बचाने में कामयाब रहीं बल्कि उन्होंने अपने AISA सहयोगियों के साथ सेंट्रल दिल्ली में पहुंच कर दिल्ली पुलिस से जम कर लोहा लिया…
प्रदर्शन के दौरान के अपने एक वीडियो को लेकर नेहा ने मीडिया के एक वर्ग पर नाराजगी जाहिर की है. नेहा का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग पार करते समय उनका वीडियो अनुचित कोण से बनाया गया और उसे इस तरह प्रकाशित किया गया, जिससे प्रदर्शन को बदनाम किया जा सके. नेहा ने X पर लेकर 25 सेकंड का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए मीडिया के इस वर्ग को ‘गोदी मीडिया’ कहते हुए उसकी आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि वीडियो को जानबूझकर ऐसे कोण से शूट किया गया, जिसमें उनके शरीर का निजी हिस्सा अनावश्यक रूप से दिखाई दे रहा था…
अपने वीडियो संदेश में नेहा ने कहा, “गोदी मीडिया को शर्म आनी चाहिए कि उसने मेरा अनुचित कोण से वीडियो बनाया और विरोध प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए उसे प्रकाशित किया…”
उन्होंने आगे कहा, “गोदी मीडिया, तुझ पर थू-थू है. तुम जितना मुझे गलत तरीके से दिखाओगे, मैं उतना ही देश के लोगों का प्यार पाऊंगी. थू-थू गोदी मीडिया पर है…”
इस मामले ने विरोध प्रदर्शनों की कवरेज के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों की गरिमा, निजता और मीडिया की पेशेवर जिम्मेदारी से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है…
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