
प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
आज सुबह मैंने दिग्गज अभिनेता राजकुमार के जन्मदिन पर उन्हें याद करते हुए एक पोस्ट की तब किसी मित्र ने कमेंट किया कि
इनके तिरंगा के पार्टनर अब नहीं रहे,
तब कुछ क्षण के लिए मैंने सोचा फिर जवाब आया, अरे! इनके पार्टनर तो नाना पाटेकर
फिर भी मेरा दिल मानने को तैयार नहीं हुआ…मुझे लगा शायद किसी फिल्म के दृश्य या मज़ाक की बात हो रही होगी।
लेकिन जब मैंने चेक किया तो 😞
वैसे ये भी ईश्वर का कैसा अजीब और भावुक करने वाला संयोग है कि आज जब पूरा देश राजकुमार साहब की 100वीं जयंती पर उनकी यादों को ताज़ा कर रहा था, ठीक उसी दिन फिल्म तिरंगा के उनके सबसे खास जोड़ीदार, इंस्पेक्टर शिवाजीराव वाघले यानी नाना पाटेकर भी इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह गए।
1993 में आई देशभक्ति से भरपूर सुपरहिट फिल्म तिरंगा में इन दोनों की जोड़ी को बेहद पसंद किया गया था। राजकुमार ने इसमें ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह और नाना पाटेकर ने बेबाक पुलिस अफसर इंस्पेक्टर शिवाजीराव वाघले का क्या शानदार किरदार निभाया था कि लोग आज भी उनके डायलॉग दोहराते हैं।
लेकिन इस फ़िल्म में नाना पाटेकर की जोड़ी राजकुमार के साथ नहीं बनने वाली थी..
दरअसल जब निर्देशक मेहुल कुमार ने फिल्म में ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह के रोल के लिए राजकुमार को फाइनल कर लिया, तो वह दूसरे किरदार पुलिस अफसर के लिए नसीरुद्दीन शाह के पास गए। लेकिन नसीर साहब ने जैसे ही सुना कि फिल्म में राजकुमार हैं, उन्होंने काम करने से मना कर दिया। इसके बाद मेहुल कुमार ने नाना पाटेकर को अप्रोच किया।
वैसे तो नाना पाटेकर उन दिनों कमर्शियल फ़िल्मों से परहेज करते थे लेकिन उन्होंने एक शर्त के साथ फ़िल्म में काम करने के लिए हाँ कर दी कि
अगर सेट पर राजकुमार ने मेरे काम में रत्ती भर भी दखलअंदाजी की, तो मैं उसी वक्त सेट छोड़कर चला जाऊँगा और दोबारा वापस नहीं आऊँगा।
और जब मेहुल कुमार ने ये बात राजकुमार को बताई, तो वो सुनकर हंस पड़े और बोले, अरे, भाई मैं क्यों इंटरफेयर करूँगा..।
लेकिन तुमने नाना को क्यों साइन कर लिया? मैंने सुना है कि वो सेट पर लोगों को गालिया देता है..मारपीट करता है..?
तब मेहुल कुमार ने भरोसा दिलाया कि ऐसा कुछ नहीं होगा।
शूटिंग शुरू हुई तो दोनों अलग अलग बैठते थे, सेट पर सुई की गिरने की आवाज़ जैसा सन्नाटा रहता था। पूरी यूनिट डरी रहती थी कि ना जाने कब ब्लास्ट हो जाए..
लेकिन इनकी दोस्ती तब हुई जब फ़िल्म का गाना पीले-पीले ओ मेरे राजा…की शूटिंग हुई।
मजेदार बात ये थी कि नाना पाटेकर और राजकुमार दोनों में से किसी को भी डांस करना नहीं आता था।
कोरियोग्राफर ने जब नाना को डांस स्टेप समझाए तो वो डर गए। तब उन्हें बताया गया कि ये एक शराबी पार्टी सॉंग है..इसमें कोई भी ऊटपटांग स्टेप चल जाएगा।
जब दोनों ने साथ में अजीबोगरीब और बेफिक्र डांस स्टेप्स करने शुरू किए, तो दोनों खुद अपनी हंसी नहीं रोक पाए। इस गाने की शूटिंग खत्म होते-होते दोनों बेहद पक्के दोस्त बन गए..
और आज, दोनों हमेशा के लिए एक दूजे के पास चले गए।
भारतीय सिनेमा के लिए आज का दिन एक अपूरणीय क्षति है। दो अलग मिजाज के दिग्गज, जिन्होंने पर्दे पर आते ही आग लगा दी थी, अब सिर्फ हमारी यादों में ज़िंदा रहेंगे।
नाना पाटेकर जी को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि और राजकुमार को जन्मदिन की शुभकामना
#NanaPatekar

