कोतवाली में धोखाधड़ी का मामला दर्ज
राजनांदगांव। माल भाड़े पर लेकर गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय रास्ते में ही करीब सवा नौ लाख रुपये का माल खुर्द-बुर्द करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चिखली चौकी और राजनांदगांव कोतवाली पुलिस ने व्यापारी की शिकायत पर दो ट्रक चालकों के खिलाफ अमानत में खयानत और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुरानी सिविल लाइन निवासी खिलेश्वर देवांगन (35 वर्ष) ग्राम भेंडीकला में ‘पीएनडी उद्योग’ नाम से चना फैक्ट्री संचालित करते हैं। अकोला (महाराष्ट्र) के ब्रोकर निखिल अग्रवाल की मांग पर व्यापारी ने 1 सितंबर 2026 को अग्रवाल ट्रांसपोर्ट के माध्यम से एक ट्रक (क्रमांक MH 27 DT 0880) बुक कराया।
फैक्ट्री से ट्रक में 320 कट्टा फूटा मटर (कीमत ₹7,23,240) तथा 80 कट्टा फूटा चना (कीमत ₹2,13,600)—कुल वजन करीब 120 क्विंटल और कुल कीमत ₹9,36,840 का माल हैदराबाद के बेगम बाजार भेजने के लिए पक्का बिल देकर रात करीब 8 बजे रवाना किया गया था।
तय समय के अनुसार माल को 3 सितंबर की शाम तक हैदराबाद पहुंचना था। 4 सितंबर को जब ब्रोकर ने माल न पहुंचने की सूचना दी, तो व्यापारी ने चालकों और वाहन मालिक से संपर्क किया। उस समय चालकों ने वाहन में तकनीकी खराबी आने का बहाना बनाकर एक दिन में माल पहुंचाने की बात कही। लेकिन उसके बाद दोनों चालकों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए।
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व्यापारी द्वारा अमरावती निवासी ट्रक मालिक से संपर्क करने पर उसने भी चालकों से कोई संपर्क न हो पाने की बात कही। खोजबीन और इंतजार के बाद जब माल नहीं पहुंचा, तो पीड़ित व्यापारी को यकीन हो गया कि दोनों चालकों ने मिलीभगत कर पूरा माल रास्ते में ही कहीं बेच दिया है।
व्यापारी की लिखित शिकायत पर पुलिस चौकी चिखली की प्रारंभिक जांच के बाद राजनांदगांव कोतवाली में ट्रक (MH 27 DT 0880) के चालक जीतून जादव (निवासी महागांव मरखेड, अकोला, महाराष्ट्र) और आकाश पवार (निवासी वासी टाकली लाडकरंजा, महाराष्ट्र) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक (ASI) शत्रुहन टंडन को सौंपी गई है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।


