
प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
क्या एक छोटा सा रोल किसी कलाकार को हमेशा के लिए अमर कर सकता है?
बॉलीवुड के इतिहास में ऐसा कई बार हुआ है, और इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं अभिनेता मज़हर ख़ान।
फिल्म शान का वो गाना तो आपको याद ही होगा,
“ नाम अब्दुल है मेरा, सब पर नज़र रखता हूँ…”
इस फ़िल्म में जहां बिग बी, शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा और सुनील दत्त जैसे बड़े सुपरस्टार्स थे, वहीं मज़हर ख़ान ने एक छोटा सा लंग-डे भिखारी का किससे निभाया था..
ऐसे में किसी नए अभिनेता के लिए अपनी पहचान बनाना लगभग नामुमकिन था। लेकिन मज़हर ख़ान ने अब्दुल के किरदार में अपनी एक्टिंग का ऐसा लोहा मनवाया कि लोग आज भी उस रोल को याद करते हैं या कह सकते हैं कि मज़हर ख़ान की पहचान उनका वो किरदार बन गया।
उनका गाना नाम अब्दुल है मेरा आज भी मशहूर है.
लेकिन इसके बावजूद मज़हर ख़ान का फ़िल्मी सफ़र ज़्यादा अच्छा नहीं रहा, वो अपने पेशेवर जीवन से कहीं ज़्यादा अपनी निजी ज़िंदगी और शादियों को लेकर चर्चा में रहे..
मज़हर ख़ान ने पहली शादी मॉडल नंदिनी सेन से की थी। हालांकि कुछ समय बाद दोनों में तलाक हो गया।
फ़िल्मों में आने के बाद मज़हर ख़ान ने दिलीप कुमार की भतीजी रुबैना मुमताज़ ख़ान से शादी की, जिनसे उनका एक बेटा भी हुआ।
लेकिन कुछ दिनों बाद दोनों में अनबन शुरू हो गई, मज़हर का व्यवहार अपनी पत्नी के प्रति अच्छा नहीं रहा, लिहाज़ा रुबैना भी तलाक लेकर उनसे अलग हो गईं।
अब मज़हर अपनी ज़िंदगी में फिर से अकेले हो गए, उधर फ़िल्मों में भी काम नहीं मिल रहा था, इसी दौरान उनकी मुलाकात एक्ट्रेस जीनत अमान से हुई।
80 के दशक की शुरुआत में ज़ीनत अमान बॉलीवुड की सबसे बड़ी और ग्लैमरस सुपरस्टार थीं। लेकिन उनकी निजी ज़िंदगी बेहद मुश्किल दौर से गुज़र रही थी. संजय ख़ान के साथ उनके रिश्ते का अंत बेहद दर्दनाक और हिंसक रहा था, जिसने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ दिया था।
इसी अकेलेपन और बिखराव के बीच वे भी एक ऐसे इंसान की तलाश में थीं जो उन्हें स्थिरता और एक परिवार दे सके।
जब ज़ीनत को मज़हर मिले तो उनका गंभीर व्यक्तिव उन्हें भा गया,
ज़ीनत अमान ने सिमी गरेवाल के शो में बताया था है कि जब वे मज़हर से मिलीं, तो वे माँ बनने और अपना एक परिवार बसाने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। मज़हर ने उन्हें वो भरोसा दिलाया कि वे उनके साथ मिलकर एक खुशहाल दुनिया बना सकते हैं।
जब मज़हर और ज़ीनत ने शादी करने का फैसला किया, तो ज़ीनत की माँ इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं। उनका कहना था कि मज़हर पहले से शादीशुदा थे और करियर के मामले में ज़ीनत से काफी पीछे थे।
लेकिन प्यार में डूबी ज़ीनत ने अपने परिवार की परवाह नहीं की और साल 1985 में उन्होंने बेहद गुपचुप तरीके से निकाह कर लिया। शुरुआत में सब कुछ ठीक था,..
लेकिन धीरे-धीरे इस शादी में कड़वाहट घुलने लगी।
मज़हर को अपनी बीवी की कामयाबी खटकने लगी थी, उन्हें लगता था कि ज़ीनत इतनी बड़ी एक्ट्रेस हैं तो उन्हें फ़िल्मों में काम मिल जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, जिससे उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ गया।
ज़ीनत से कहा कि वो फ़िल्मों में काम करना बंद करें और घर परिवार संभाले।
ज़ीनत ने बिना कुछ कहे फ़िल्मों में काम करना छोड़ दिया लेकिन हालात सुधारने की बजाय बिगड़ते चले गए और मज़हर को ड्रग्स की लत लग गई।
ज़ीनत लगातार रिश्ता बेहतर करने की कोशिश करती रही, और आख़िरकर ज़ीनत ने शादी के 12 साल बाद अलग होने का फैसला किया..
और वो मज़हर से अलग रहने लगी।
इधर मज़हर की हालत ख़राब रहने लगी, उनकी किडनी खराब हो गई, और 16 सितंबर 1998 में उनका निधन हो गया..
मज़हर ख़ान के अंतिम संस्कार में कई लोग शामिल हुए लेकिन जब ज़ीनत अंतिम विदाई देने पहुंची तो उनके ससुराल वालो ने उन्हें मज़हर की ला-श तक देखने नहीं दी
ज़ीनत ने बाद में कई इंटरव्यूज़ में दर्द बयां किया कि यह शादी उनके जीवन का सबसे कठिन दौर थी, जहाँ उन्हें शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
ये सारी चीजें तो बुरी थी हीं, सबसे ज्यादा बुरा ये था कि उन्हें जनाजे में शामिल नहीं होने दिया गया। जब वो उनके अंतिम दर्शन के लिए गई तो उनकी मां और बहन ने धक्के देकर वहां से निकल जाने के लिए कहा था। ये सारी चीजें किसी बुरी फिल्म की तरह ही थीं।
मजहर खान ने 13 साल के एक्टिंग करियर में 30 फिल्मों और टेलीविजन शोज में काम किया था।
मज़हर ख़ान ने जैकी श्रॉफ, नाना पाटेकर, जूही चावला और कुमार गौरव को लेकर फिल्म गैंग का निर्देशन और निर्माण शुरू किया था.
लेकिन इस फिल्म को बनने में 11 साल लग गए।मज़हर की बीमारी के कारण फिल्म की शूटिंग बार-बार रुकती रही.
आखिरकार, 1998 में मज़हर के निधन के बाद उनके दोस्तों ने इस फिल्म को पूरा किया और यह साल 2000 में रिलीज़ हो सकी.
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