
एक भी वोट नहीं मिले, सरपंच और पक्ष के चार पंच नहीं पहुँचे, शेष 16 पंचों ने किया विरोध में मतदान
राजनांदगाँव। ग्राम पंचायत सोमनी में सरपंच के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर गुरुवार को मतदान हुआ। मतदान के दौरान विपक्ष के 16 पंचों ने सरपंच के खिलाफ मतदान किया, जिसके बाद सरपंच को पद से हटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, मतदान प्रक्रिया के दौरान सरपंच नीलिमा साहू सहित पक्ष के चार पंच मतदान में शामिल होने के लिए नहीं पहुंचे। चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने के प्रशासन ने नायब तहसीलदार रामलखन चौहान को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया था। निर्वाचन अधिकारी द्वारा तय समय के अनुसार मतदान की प्रक्रिया के लिए सरपंच के खिलाफ लामबंद सभी 16 पंच एकसाथ ग्राम पंचायत भवन पहुंचे। चुनाव के तहत सभी को मतदान प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इसके बाद वोटिंग हुई, जिसमें विपक्ष के सभी 16 पंचों ने सरपंच के खिलाफ मतदान किया। वही सरपंच सहित 4 अन्य पंच मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए। इस तरह 16-0 मतो से सरपंच को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पंचायत परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। अविश्वास प्रस्ताव के मतदान परिणाम के बाद ग्राम पंचायत सोमनी में सरपंच पद को लेकर चल रहा राजनीतिक गतिरोध समाप्त हो गया। प्रस्ताव के पारित होने के बाद अब पंचायत में आगामी प्रक्रिया के तहत नए सरपंच के चयन की कार्रवाई की जाएगी।
सोमनी ग्राम पंचायत में सरपंच और पंचों के बीच लंबे समय से गतिरोध बना हुआ था। सरपंच का कार्यकाल एक साल होने के बाद सरपंच के खिलाफ लामबंद पंचों ने पूर्व में विधिवत अविश्वास प्रस्ताव लाया था। राजनैतिक हस्तक्षेप और न्यायालयीन प्रक्रिया के चलते उस समय अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया था। विपक्ष के 16 पंच मौके की तलाश में थे और फिर दुबारा अविश्वास प्रस्ताव लाया। इस बार भी सरपंच नीलिमा साहू कुर्सी बचाने काफी प्रयास की, लेकिन पंचों की एकजुटता के चलते उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी।
सरपंच और पंचों के बीच आपसी लड़ाई के कारण पंचायत पदाधिकारियों के गठन के बाद से गांव में विकास कार्य ढप पड़ा हुआ है। बिजली, सड़क, पानी, सफाई व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई थी। सोमनी पंचायत में विभिन्न मदों के तहत लाखों रुपये होने के बावजूद कोई भी विकास कार्य नहीं हुए। पंचों और सरपंच की बीच आपसी लड़ाई का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा था। बहरहाल अब ग्रामीणों को नए सरपंच से काफी उम्मीद है, जो ग्राम विकास के लिये बेहतर कार्य करे।


