
और दिग्वी मर गया
अपनी बात…शरद कोठारी“और दिग्वी मर गया…” का दूसरा संस्करण निकालने की आवश्यकता बहुत पहले ही अनुभव की जा रही थी। दस वर्ष पूर्व नांदगाँव रियासत के नौजवान राजा दिग्विजय दास […]

अपनी बात…शरद कोठारी“और दिग्वी मर गया…” का दूसरा संस्करण निकालने की आवश्यकता बहुत पहले ही अनुभव की जा रही थी। दस वर्ष पूर्व नांदगाँव रियासत के नौजवान राजा दिग्विजय दास […]

राजनांदगाँव के प्रतिष्ठित समाचार पत्र सबेरा संकेत के संस्थापक संपादक श्रद्धेय बाबूजी स्वर्गीय शरद कोठारी जी ने अपने समाचार पत्र में धारावाहिक कथा लिखी थी, “और दिग्वी मर गया।” बाद […]