एक मकान से बरामद हुए 24 शव

नेपाल त्रासदी

प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश

नेपाल से आई यह खबर किसी भी इंसान के दिल को अंदर तक झकझोर कर रख देने वाली है। बाढ़ और भूस्खलन की तबाही के बीच, जब नेपाल पुलिस रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी, तो एक मकान के अंदर का मंजर देखकर अनुभवी जवानों की आंखें भी नम हो गईं।एक ही मकान से 24 शव बरामद हुए—21 कमरे के भीतर और 3 बाहर। ये वो लोग थे जो बाढ़ के पानी और मलबे से बचने के लिए भागकर ऊपरी मंजिल पर पहुंचे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। पानी और कीचड़ ने उस कमरे को ही उनका आखिरी ठिकाना बना दिया।परंतु, इस खौफनाक मंजर के बीच जिस दृश्य ने हर किसी का कलेजा चीर दिया, वह था एक मां और उसकी मासूम बच्ची का शव।मौत के उस भयावह आखिरी पल में भी, जब चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार और मौत का तांडव था, उस मां ने अपनी बच्ची को खुद से दूर नहीं होने दिया। उसने अपनी मासूम को अपनी छाती से इस तरह कसकर भींच रखा था, जैसे वह अपनी जान देकर भी अपनी औलाद को बचा लेना चाहती हो। मां की ममता का यह आखिरी संघर्ष शब्दों से परे है।

बड़ों की मृत्यु तो विचलित करती ही है लेकिन ऐसी आपदाओं में मासूम बच्चों की बेबसी और उनका असमय जाना मन को पूरी तरह तोड़ देता है क्योंकि बड़े लोग खतरे को भांपकर भाग सकते हैं, तैर सकते हैं या खुद को बचाने का कोई न कोई प्रयास कर सकते हैं।
इसके विपरीत, छोटे बच्चे पूरी वे तो पूरी तरह से बड़ों पर निर्भर होते हैं। बच्चे, जो न तो हालात समझ पाते हैं और न ही खुद को बचाने के लिए कोई संघर्ष कर सकते हैं…

उनका जाना एक पूरे भविष्य का अंत है।प्रकृति की इस क्रूर आपदा में जान गंवाने वाले सभी निर्दोष लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि।

ईश्वर इन परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति दे।

#NepalFlood #Humanity #MotherLove #army