जिन्दगी के सुपरहीरो साबित हुए विवेक ओबेरॉय

बीस साल पहले गोद ली थी ढाई साल की कैंसर पीडि़त बच्ची, आज हो गई कैंसर मुक्त और बन गई पायलट

प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश

फिल्मों के सुपरहीरो तो हम रोज देखते हैं, लेकिन असल जिंदगी के सुपरहीरो कैसे होते हैं? इसकी एक बेहद खूबसूरत झलक हाल ही में मुंबई में देखने को मिली, जब बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय एक इवेंट में सबके सामने रो पड़े। लेकिन ये आंसू किसी दुख के नहीं, बल्कि एक पिता के गर्व और बेहद खुशी के थे..

दरअसल उनकी गोद ली हुई बेटी कैंसर से मुक्त हो गई है।

करीब 20 साल पुरानी है। विवेक ओबेरॉय कैंसर पीड़ित बच्चों की मदद करने वाली संस्था CPAA के जरिए एक अस्पताल के वार्ड में गए थे। वहां उनकी नजर एक ढाई साल की मासूम बच्ची पर पड़ी, जो ब्लड कैंसर से जूझ रही थी। बीमारी की वजह से उस बच्ची का चेहरा पीला पड़ चुका था, लेकिन उसकी आंखों में जीने की एक अनोखी जिद थी।

उसे देखकर विवेक का दिल पिघल गया और उन्होंने उसी पल उस नन्ही बच्ची को गोद लेने का फैसला कर लिया।

उन्होंने सहारा के इलाज से लेकर उसकी परवरिश और पढ़ाई-लिखाई की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली।
काफी लंबे इलाज और संघर्ष के बाद अब 22 साल की सहारा पूरी तरह से कैंसर मुक्त हो चुकी हैं।

दिलचस्प बात यह है कि सहारा सिर्फ ठीक ही नहीं हुईं, बल्कि उन्होंने अपने सपनों की ऐसी उड़ान भरी जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। हाल ही में मुंबई के ताज लैंड्स एंड में एक इवेंट था।
वहां सहारा ने स्टेज पर अपने पापा विवेक ओबेरॉय को एक ऐसा सरप्राइज दिया कि विवेक खुद को संभाल नहीं पाए। सहारा ने न सिर्फ अपनी एविएशन की ट्रेनिंग पूरी कर ली है और जल्द ही दुबई में कॉमर्शियल पायलट बनने जा रही हैं, बल्कि उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में भी कदम रख दिया है।
सहारा ने स्टेज पर घोषणा की कि वह अपने पिता विवेक के नक्श-ए-कदम पर चलते हुए एक्टिंग में हाथ आजमाने जा रही हैं
अपनी पहली नेपाली फिल्म 26 करोड़ साइन की और फिल्म का पोस्टर रिलीज किया,

अपनी नन्ही सी बच्ची को मौत के मुंह से निकलकर आज एक पायलट और एक्ट्रेस बनते देख विवेक ओबेरॉय खुद को रोक नहीं पाए और मंच पर ही उनके आंसू छलक आए। उन्होंने सहारा को गले लगाया और कहा, “मुझे तुम पर गर्व है, जब तुमने पहली बार मेरी उंगली पकड़ी थी, मुझे पता था तुम जीत जाओगी।”

साथ ही अपनी बेटी से कहा कि जब तुम अपने पैरों पर खड़ी हो जाओ, तो समाज के उन बच्चों का सहारा बनना जिन्हें मदद की जरूरत है।

सच में, कभी-कभी किसी की जिंदगी बदलने के लिए बस एक सही इंसान के साथ और थोड़े से प्यार की जरूरत होती है।

देखा जाए तो विवेक ओबेरॉय अच्छे इंसान हैं। आपकी इस पर क्या राय है?

#VivekOberoi #films #bollywood