नेपाल हादसे में 700 से अधिक की मौत

अभी भी हजारों लापता

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं। नेपाल हादसे में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हादसे में 700 से ज्यादा लोगों की मौतें हो गई हैं जबकि हजारों लोग लापता हैं।

नेपाल सरकार के अनुसार अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। 2000 से अधिक लोग लापता हैं। हादसे में 250 से अधिक भारतीयों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। हालाँकि 108 भारतीयों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। चीन की तरफ मौजूद करीब 900 भारतीय सुरक्षित हैं।

अमेरिका ने नेपाल को 36 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता दी है। इसमें 10,000 परिवारों के लिए आपातकालीन खाद्य सामग्री भी शामिल है। काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वे नेपाल सरकार और राहत संगठनों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

भारत ने नेपाल को कई बार राहत सामग्री भेजी है। चौथा विमान कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और स्वच्छता किट समेत 11 टन सामग्री लेकर काठमांडू पहुंच चुका है।नेपाल ने भारत से मिली मदद की सराहना की है। भारत ने सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 11 विशेषज्ञों की टीम भी भेजी है। यह वही टीम है जिसने पहले उत्तराखंड के सिलक्यारा सुरंग हादसे में काम किया था। टीम में डॉक्टर, डीएनए विशेषज्ञ और सुरंग इंजीनियर शामिल हैं।

नेपाल में फंसे तमिलनाडु के 319 लोगों में से 219 सुरक्षित हैं और 31 अगस्त तक तमिलनाडु पहुंचने वाले हैं। शेष 100 अभी भी लापता माने जा रहे हैं।
ओडिशा के चार लोग लापता हैं, जबकि दो सुरक्षित भारत लौट आए हैं। कुछ अन्य लोग पोखरा में सुरक्षित हैं।
केरल के 16 लोग सुरक्षित घर लौट चुके हैं। 45 लोगों की सुरक्षा की पुष्टि हो गई है। सात व्यक्ति अभी संपर्क से बाहर हैं। महाराष्ट्र के नागपुर के 102 तीर्थयात्री काठमांडू से सुरक्षित नागपुर लौट आए हैं।

26 अगस्त की बाढ़ के बाद भोटेकोशी नदी का जलस्तर और बहाव फिर बढ़ रहा है। नेपाल की आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों के नदी किनारे रहने वाले लोगों और राहत टीमों को सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रशासन ने आपात सेवाओं को अलर्ट पर रखा है।

नेपाल में हो रही बारिश से बिहार की गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पास या पार पहुंच गया है। प्रशासन नदी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रहा है। उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर में भी सतर्कता बरती जा रही है। नेपाल के तराई क्षेत्रों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है।

पिछले दिनों चीन से सैकड़ों भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में 24 घंटे कंट्रोल रूम बनाया है। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में हेल्पलाइन सक्रिय हैं। सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेष दल काम कर रहा है। (साभार द लेंस)