ब्लिंकिट से क्या दिक्कत है अमेजन, फ्लिपकार्ट से प्यार करने वाले चेंबर ऑफ कॉमर्स के लोग

यदि विरोध करना है, बंद कराना है तो सबको कराओ, दिखावे की राजनीति बंद करो

राजनांदगाँव। मेरे शहर राजनांदगाँव के चेंबर ऑफ कॉमर्स के कुछ पदाधिकारियों ने कुछ दिन पहले शिगुफा छोडा़ था कि यहाँ ब्लिंकिट का कारोबार बंद होना चाहिए। भाई लोगों का तर्क था कि ब्लिंकिट के काम करने से शहर का लोकल बाजार प्रभावित होगा। अब चेंबर के भाई लोगों को इतनी समझ तो होनी चाहिए कि अकेले ब्लिंकिट लोकल कारोबार को प्रभावित नहीं करता।

चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों को यदि वास्तव में शहर के लोकल कारोबार की चिंता होती तो वो सिर्फ ब्लिंकिट के पीछे नहीं भागते, वो लोकल बाजार को मजबूत करने की दिशा में काम करते। बात कड़वी है, पर सच है, ब्लिंकिट ने न चेंबर ऑफ कॉमर्स का कुछ बिगाडा़ है, न शहर का कोई नुकसान किया है, वो अपना व्यापार कर रहा है और अच्छे तरीके से कर रहा है।

ब्लिंकिट का विरोध करने वाले और उसे बंद कराने की वकालत करने वाले चेंबर ऑफ कॉमर्स के लोगों को यदि अमेजन और फ्लिपकार्ट सहित अन्य सोशल प्लेटफार्म से दिक्कत नहीं है, जिससे आम लोग अपनी जरूरत के सामान मंगाते हैं तो उन्हें अपने भीतर झांकने की जरूरत है।

बात कड़वी है, पर सच है कि यदि मुझे आपके लोकल दुकानों के बजाय ब्लिंकिट, अमेजन या फ्लिपकार्ट या अन्य प्लेटफार्म में उपलब्ध सामग्री पसंद आएगी, तो मैं वहीं से अपनी जरूरत का सामान मंगाऊंगा। अमेजन, फ्लिपकार्ट या अन्य प्लेटफार्म तो फिर भी सामान भेजने में सप्ताह-दस दिन का समय लेते हैं, ब्लिंकिट तो कुछ मिनटों में सामान पहुँचा देता है। तो किसी प्लेटफार्म या सुविधा का विरोध करने के बजाय अपना काम चोखा रखो, ताकि लोग इधर-उधर भटकने के बजाय आपके पास पहुँचे। समझे चेंबर ऑफ कॉमर्स।