
कांग्रेस के काफिले पर 25 मई 2013 को हुआ था हमला
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर जिले की झीरम घाटी क्षेत्र में कांग्रेस के काफिले पर हुए हमले के मामले में 13 साल बाद बड़ा फैसला आया है। जगदलपुर की विशेष एनआईए कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इन 10 आरोपियों में से 2 महिलाएं शामिल हैं। न्यायाधीश अजय सिंह राजपूत ने ये फैसला सुनाया।
उल्लेखनीय है कि 25 मई 2013 को झीरम क्षेत्र में कांग्रेस के काफिले पर हमला हुआ था। इस हमले में कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकुमार पटेल सहित कई कांग्रेस नेताओं समेत 29-30 लोगों की जान चली गई थी। मामले में 11 नक्सलियों के खिलाफ केस चला था जिसमें से एक की केस की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
झीरम घाटी कांड की जांच के लिए जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में 2013 में पहला जांच आयोग बना था। इसके बाद 2018 में कांग्रेस सरकार ने SIT गठित की थी।
अदालत ने सभी आरोपियों को अदालत ने दोषी माना है। दोषियों को सजा 16 सितंबर को सुनाई जाएगी। मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 101 गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए थे। 10 अगस्त को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। 31 अगस्त को फैसला आने की संभावना थी, लेकिन अदालत ने निर्णय को आगे बढ़ाकर 5 सितंबर की तारीख तय की थी।
25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के दौरान सुकमा से जगदलपुर लौट रहे नेताओं के काफिले पर दरभा इलाके की झीरम घाटी में माओवादियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, बस्तर के नेता महेन्द्र कर्मा, पूर्व विधायक उदय मुदलियार सहित कई कांग्रेस नेताओं और पुलिस कर्मियों की मृत्यु हो गई थी।


