श्री दिग्विजय क्लब की भूमि पर अवैध व्यावसायिक निर्माण की होगी जाँच

कलेक्टर ने निगम आयुक्त को दिए जाँच के आदेश
राजनांदगांव। शहर के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक श्री दिग्विजय क्लब परिसर में कथित तौर पर नियमों की अनदेखी कर शासकीय नजूल भूमि पर अवैध व्यावसायिक निर्माण और साम्राज्य खड़ा किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में पत्रकार जितेन्द्र जैन “जीतू” द्वारा जिला कलेक्टर को एक शिकायती आवेदन सौंपा गया था, जिस पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।

कलेक्टर कार्यालय द्वारा नगर पालिक निगम, राजनांदगांव के आयुक्त को पत्र जारी कर इस पूरे प्रकरण में भवन निर्माण अनुज्ञा से संबंधित संपूर्ण अभिलेखों और बिंदुवार प्रतिवेदन की मांग की गई है।
शिकायत के मुख्य बिंदु
कूट रचित शपथ-पत्र का आरोप: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि क्लब के कार्यकारी अध्यक्ष किशोर बेलावाला द्वारा 25 नवंबर 2022 को नगर निगम में एक क्षतिपूर्ति सह-शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया था, जिसमें टांका पारा वार्ड नं. 14 स्थित भूखंड क्रमांक 4/1 (कुल क्षेत्रफल 4945 वर्ग मीटर) के खुद को ‘धारक’ और ‘भूमि स्वामी’ के रूप में घोषित किया गया, जो शासकीय अभिलेखों के विपरीत है।
नजूल नियमों का उल्लंघन: नजूल पट्टे की मूल शर्त (Form H) के बिंदु क्रमांक 3 के अनुसार भवन निर्माण या विस्तार के लिए कलेक्टर की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है। आरोप है कि बिना किसी अनुमति या एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से 20 दुकानें, एक आलीशान बैडमिंटन हॉल और जिम का अवैध निर्माण कराया गया है और वर्तमान में स्विमिंग पूल और अन्य दुकानों का निर्माण कार्य जारी है।
नगर निगम की संलिप्तता: शिकायत में नगर निगम के भवन नजूल शाखा के अधिकारियों पर भी बिना वास्तविक भूमि-स्वामी (पदेन कलेक्टर) की सहमति के निर्माण कार्य की अनुमति देने और मिलीभगत का संदेह जताया गया है।

शिकायती पत्र मिलने के बाद अपर कलेक्टर, जिला राजनांदगांव द्वारा नगर निगम आयुक्त को पत्र जारी कर 7 दिवस के भीतर निम्नलिखित बिंदुओं पर सत्यापित प्रतियां और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रकरण पंजीयन क्रमांक 4246 और भवन अनुज्ञा क्रमांक 11835 (दिनांक 28.04.2023) की संपूर्ण नस्ती।
भवन अनुज्ञा के लिए प्रस्तुत आवेदन, ऑनलाइन आवेदन, स्वीकृत मानचित्र और नजूल पट्टा फॉर्म ‘एच’ से संबंधित दस्तावेज।
बिना कलेक्टर की पूर्व अनुमति के भवन अनुज्ञा जारी करने के नियमगत आधार की स्पष्ट जानकारी।
क्लब परिसर में चल रहे कथित अवैध निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने, भवन अनुज्ञा निरस्त करने तथा दोषी अधिकारियों व पदाधिकारियों के विरुद्ध एफ.आई.आर. व दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है।
इस बहुचर्चित शासकीय भूमि घोटाले और अवैध निर्माण के मामले में जिला प्रशासन की त्वरित और निष्पक्ष जांच के आदेश से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।