
बॉलीवुड में डॉन पर कई फिल्में बनाई गई और उनके अलग अलग रूप दिखाए गए, उनपर गाने भी बनाए गए…
लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि एक फिल्मी गाना किसी गैंगस्टर या अंडरवर्ल्ड डॉन का दिल पिघला सकता है?
सुनने में ये आपको फ़िल्मी लग लगता है, लेकिन ये वाकया बिल्कुल सच है। और ये वाक़या हुआ था मशहूर गीतकार समीर अनजान के साथ..
समीर अंजान ने ये किस्सा ख़ुद एक इंटरव्यू में बताया था कि एक रात वे अपने घर पर सो रहे थे। तभी सुबह के ठीक 4:00 बजे उनके फोन की घंटी बजी। इतनी रात को फोन देखकर समीर और उनका परिवार डर गया।
समीर ने जैसे ही फोन उठाया, दूसरी तरफ से एक भारी आवाज आई। फोन करने वाले ने अपना नाम बताया। वह नाम सुनते ही समीर के होश उड़ गए, क्योंकि वह अंडरवर्ल्ड का एक बहुत बड़ा गैंगस्टर था।
समीर को लगा कि शायद कोई धमकी मिलने वाली है या पैसे मांगे जाएंगे। लेकिन उसने जो किया उसकी उम्मीद तो समीर को भी नहीं थी,
गैंगस्टर धमकी देने के बजाय बच्चों की तरह रोना लगा, और शराब के नशे में कहा…
“आप दुबई आ जाओ, मैं आपको सोने से लाद दूँगा..”
समीर ने हैरानी से पूछा, आ जाऊँगा लेकिन पहले आप वजह तो बताइए..
तब डॉन ने कहा कि “ सर, आपने अपने गाने की दो लाइनों में मेरी पूरी जिंदगी का सच लिख दिया है। मैं रात भर से आपका यह गाना सुन रहा हूँ और अपने आंसू नहीं रोक पा रहा हूँ..
कहीं से आपका नंबर अरेंज किया और डायरेक्ट आपको ख़ुद फ़ोन कर रहा हूँ..मैंने रात भर पी है और रात भर रोया हूँ..
और वो सुपरहिट गाना साल 1991 में आई आदित्य पंचोली और मोहसिन खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म साथी का था…जिसे समीर ने अपने स्ट्रगल के दिन याद करते हुए लिखा था और कमाल की बात देखिए कि ये गाना एक डॉन की लाइफ से भी मैच कर गया..
“जिंदगी की तलाश में हम, मौत के कितने पास आ गए…
जब यह सोचा तो घबरा गए, हम कहाँ थे कहाँ आ गए।”
ये फ़िल्म अपने दौर की एक बहुत बड़ी एक्शन ड्रामा फ़िल्म थी जिसका निर्देशन महेश भट्ट ने किया था..
महेश भट्ट फिल्म में सूरज के किरदार के लिए सबसे पहले संजय दत्त को कास्ट करना चाहते थे। लेकिन उस समय संजय दत्त बहुत ज्यादा व्यस्त थे और उनके पास डेट्स नहीं थीं, जिसके कारण उन्होंने इस फिल्म के लिए मना कर दिया था।
संजय दत्त के मना करने के बाद ये रोल आदित्य पंचोली को मिला। महेश भट्ट हॉलीवुड की मशहूर फिल्म स्कारफेस से काफी इन्स्पायर थे और वे चाहते थे कि भारत का टोनी मोंटाना यानी अल पचीनो का किरदार कोई ऐसा एक्टर निभाए जिसकी कद-काठी और आवाज में एक खास तरह का गुस्सा और टोन हो।
आदित्य पंचोली इस रोल में बिल्कुल फिट बैठे और यह फिल्म उनके करियर की सबसे बड़ी और यादगार हिट साबित हुई…
इस फ़िल्म में आदित्य पंचोली ने अपने करियर की सबसे अच्छी एक्टिंग की थी,
फिल्म के दूसरे किरदार अमर के लिए महेश भट्ट को एक ऐसे चेहरे की तलाश थी जो थोड़ा शांत और मासूम दिखे। उस समय पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान भारतीय अभिनेत्री रीना रॉय से शादी करने के बाद भारत आ चुके थे, तब रीना रॉय ने महेश भट्ट से मोहसिन को अपनी फिल्म में ब्रेक देने की सिफारिश की थी।
महेश भट्ट अपनी फिल्मों में विलेन्स को बहुत ही क्रूर और रियल खलनायक दिखाते थे। क्रूर ड्रग लॉर्ड पाशा के रोल के लिए उन्होंने परेश रावल को चुना, जिन्होंने अपनी एक्टिंग से इस किरदार को अमर बना दिया। वहीं डॉन सुल्तान के किरदार के लिए महेश भट्ट ने अपने पसंदीदा अनुपम खेर को कास्ट कर लिया था।
फ़िल्म का संगीत इसकी सबसे बड़ी ताक़त था, जिसे नदीम-श्रवण ने दिया था, इसके गाने आज भी उतने ही मशहूर हैं जितने उस समय थे..
प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश


