हर हादसे के बाद खुलती है जिम्मेदारों की आंखें, कुछ समय बाद फिर वही ढर्रा

सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु यातायात पुलिस ने मवेशियों के गले में बांधी रेडियम पट्टी

राजनांदगांव। जब भी कोई हादसा होता है, जिम्मेदारों की आंखें खुलती हैं और सुरक्षा उपाय किए जाते हैं। कुछ दिन सब कुछ ठीक चलता है और फिर वही पुराना ढर्रा शुरू हो जाता है। इसके बाद फिर अगले हादसे का इंतजार किया जाता है। हादसा, इंसानों या फिर जानवरों की मौत का।

शहर में यातायात पुलिस द्वारा जीवरत्नम फाउंडेशन के सदस्यों के सहयोग से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान रात्रि में प्रमुख मार्गों एवं दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सड़क पर विचरण कर रहे मवेशियों को सुरक्षित रूप से सड़क किनारे किया गया तथा उनके गले में रेडियम पट्टी बांधी गई।

रेडियम पट्टी वाहन की हेडलाइट पड़ने पर चमकती है, जिससे अंधेरे में वाहन चालकों को सड़क पर मौजूद मवेशी दूर से दिखाई दे सकेंगे। इससे वाहन चालक समय रहते वाहन की गति नियंत्रित कर दुर्घटना की संभावना को कम कर सकेंगे।
यातायात पुलिस द्वारा वाहन चालकों से अपील की गई कि रात्रि के समय वाहन चलाते हुए विशेष सावधानी बरतें। सड़क पर मवेशी दिखाई देने पर वाहन की गति कम करें तथा पर्याप्त सुरक्षित दूरी बनाए रखें। साथ ही पशुपालकों से अपील की गई कि वे अपने मवेशियों को खुला न छोड़ें तथा उन्हें सड़क पर आने से रोकने के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें।

ऐसा नहीं है कि ऐसी पहल पहली बार की गई है। हर बार हादसा होने के बाद यातायात पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की जनहितकारी एवं सड़क सुरक्षा संबंधी कार्रवाई की जाती है। बाद में सब कुछ ढर्रे पर आ जाता है।