किस्मत की बेरहम चोट ने तबाह कर दिया करियर, और आ गई मौत

प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश

जब पूरी दुनिया ने पीठ फेर ली थी, तब सलमान खान ने इस एक्टर का हाथ थामा था…”

बॉलीवुड के सबसे हैंडसम और टैलेंटेड एक्टर्स में से एक थे इंदर कुमार…हुनर की भी कोई कमी नहीं थी..लेकिन किस्मत की एक बेरहम चोट ने उनके करियर और जिंदगी को तबाह कर दिया।

आज उनका जन्मदिन है। आइए जिंदगी के उस सफर को करीब से जानते हैं, जिसकी शुरुआत तो बहुत खूबसूरत हुई थी लेकिन उसका अंत बहुत दर्दनाक रहा..

इंदर कुमार का जन्म 26 अगस्त 1973 को जयपुर, राजस्थान के एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। बिजनेस के सिलसिले और बच्चों की पढ़ाई के लिए उनका परिवार मुंबई आकर बस गया..
इंदर कुमार ने मुंबई के सेंट जेवियर्स हाई स्कूल और सरदार वल्लभभाई पटेल विद्यालय से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और यहीं से अपनी ग्रेजुएशन भी खत्म की।

उन्हें बचपन से ही फिटनेस और खेलों का बहुत शौक था। वह ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट थे। इसके साथ ही वे अमिताभ बच्चन की फिल्में देखने के बेहद शौकीन थे, जिसकी वजह से उन्हें भी हीरो बनने का शौक चढ़ा..

जब इंदर कुमार कॉलेज में पढ़ रहे थे, तब उनकी अच्छी लंबाई और चार्मिंग लुक्स को देखकर उनके दोस्त अक्सर उनसे कहा करते थे,

“तू इतनी अच्छी बॉडी और लुक्स के साथ फिल्मों में क्यों नहीं ट्राय करता ? तू मुंबई में ही है, कोशिश कर तू पक्का हीरो बन जाएगा”।‌

दोस्तों की इसी बात ने उनके सपनों को उड़ान दी और उन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद मॉडलिंग और एक्टिंग में काम करने का फैसला लिया…
उनका असली नाम इंदर कुमार सराफ था। उन्होंने अपना सरनेम सराफ हटा दिया ताकि नाम थोड़ा फिल्मी लगे।

मुंबई में रहने के बावजूद बिना किसी गॉडफादर के फिल्मों में एंट्री मिलना बहुत मुश्किल था।
फिर भी इंदर कुमार शुरुआत में कई फिल्म निर्माताओं के दफ्तरों के चक्कर काटते रहे। इसी दौरान उनकी मुलाकात मशहूर फिल्म पब्लिसिस्ट राजू कारिया से हुई…वो इंद्र से बहुत इम्प्रेस हुए और उनके मेंटर बन गए 

उन्होंने इंदर को उस दौर के बड़े फिल्म निर्माताओं और डिस्ट्रीब्यूटर्स से मिलवाना शुरू किया, इंदर कुमार के करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब राजू कारिया उन्हें उस समय की मशहूर फिल्म कंपनी टाइम मैग्नेट के मालिक प्रवीण शाह से मिलाने ले गए।

प्रवीण शाह एक नई फिल्म मासूम बनाने की तैयारी में थे, जो कि एक सुपरहिट मराठी फिल्म की रीमेक थी। ओरिजिनल फिल्म में केवल एक छोटे बच्चे की कहानी थी, लेकिन हिंदी दर्शकों को खींचने के लिए मेकर्स ने स्क्रिप्ट में बदलाव करके एक नया लव-ट्रैक जोड़ा.. और इंदर के साथ आयशा जुल्का को फ़िल्म में साइन किया..

लेकिन इंदर की किस्मत देखिए, इसी दौरान उन्हें अक्षय कुमार और रेखा स्टारर खिलाड़ियों का खिलाड़ी में भी एक रोल मिल गया।
साल 1996 में ये दोनों फिल्में बैक-टू-बेक रिलीज हुईं।
मासूम के गाने और इंदर का चॉकलेटी लुक दर्शकों को बेहद पसंद आया, वहीं खिलाड़ियों का खिलाड़ी में भी उनके काम की सराहना हुई।

इंदर कुमार का फिल्मी करियर इतना उतार चढ़ाव वाला नहीं रहा, जितनी उनकी निजी जिंदगी में उथल-पुथल रही…
इंदर कुमार ने साल 2003 में अपने मेंटर राजू कारिया की बेटी सोनल कारिया से पहली शादी की थी लेकिन यह शादी केवल 5 महीने ही टिक सकी और दोनों अलग हो गए. जब दोनों अलग हुए उस समय उनकी पत्नी सोनल प्रेग्नेंट थीं और बाद में उन्होंने एक बेटी खुशी को जन्म दिया.

पहली शादी टूटने के बाद इंदर कुमार का नाम बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा कोपिकर के साथ भी जुड़ा. दोनों का अफेयर ऑन-एंड-ऑफ करीब 11-12 साल तक चला. दोनों एक-दूसरे के बेहद प्यार करते थे, और उनकी सगाई भी हो चुकी थी लेकिन इंदर के एक्सीडेंट और करियर के उतार-चढ़ाव के कारण बाद में यह रिश्ता टूट गया..

ईशा से अलग होने के बाद, साल 2009 में इंदर ने कमलजीत कौर से दूसरी शादी की. लेकिन आपसी अनबन और वैचारिक मतभेदों के कारण यह शादी भी ज्यादा दिन नहीं चली और महज 2 महीने के भीतर ही दोनों का तलाक हो गया..

जिंदगी के तमाम झटकों के बाद साल 2013 में इंदर ने पल्लवी सराफ से तीसरी शादी की. पल्लवी ने इंदर के आखिरी और सबसे मुश्किल वक्त में उनका पूरा साथ निभाया. इस शादी से उनकी एक बेटी हुई जिसका नाम भावना है..

साल 2002 तक इंदर का करियर सातवें आसमान पर था। वो फिल्मों के साथ-साथ टीवी के सबसे बड़े शो क्यूंकी सास भी कभी बहू थी में मिहिर विरानी बनकर घर-घर में लोकप्रिय हो चुके थे।
लेकिन इसी साल फिल्म मसीहा की शूटिंग के दौरान एक खतरनाक स्टंट करते समय इंदर चलते हेलीकॉप्टर से नीचे गिर गए। उनकी रीढ़ की हड्डी पूरी तरह टूट गई। डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया था कि इंदर अब कभी अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पाएंगे। इस चोट की वजह से वो लगातार 5 साल तक पूरी तरह बेडरेस्ट पर रहे.

इस लंबे अंतराल ने उनसे उनका सुपरहिट टीवी शो भी छीन लिया और बॉलीवुड के तमाम डायरेक्टर्स ने भी उनसे दूरी बना ली।
उनकी जमा-पूंजी इलाज में खत्म हो गई और वो पाई-पाई के लिए मोहताज हो गए।

जब इंदर 5 साल बाद बिस्तर से उठे, तो फिल्म इंडस्ट्री उन्हें भूल चुकी थी। इस अंधेरे वक्त में सिर्फ एक शख्स था जिसने उनका हाथ नहीं छोड़ा, वो थे सलमान खान। सलमान इंदर को अपने छोटे भाई की तरह मानते थे। उन्होंने इंदर को अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म वांटेड में रोल दिलवाया। वांटेड सुपरहिट रही और इंदर को लगा कि उनका करियर फिर से चल पड़ेगा,
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।उन्हें दोबारा वैसी बड़ी फिल्में नहीं मिलीं।

अपने आखिरी दिनों में वो पैसों की तंगी और कई तरह के क़ानूनी विवादों से जूझ रहे थे, लेकिन उनका जज्बा कम नहीं हुआ था।

उन्होंने अपनी आखिरी फिल्मों में से एक फटी पड़ी है यार नाम की फिल्म की शूटिंग पूरी की थी।
इस फिल्म का एक सीन था जिसमें वो शराब पीकर अपनी बदहाली पर रो रहे थे, उनके निधन के बाद इस सीन को इंटरनेट पर गलत तरीके से सुसाइड वीडियो बताकर वायरल कर दिया गया था, जिसने उनकी मौत के बाद भी उनके परिवार को बहुत दुख दिया।

वह फिल्मों में फिर से वापसी करने के लिए जी-तोड़ मेहनत कर रहे थे,
लेकिन 28 जुलाई 2017 को सिर्फ 43 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।

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