प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित होंगी मूर्तियाँ तो होगी कार्रवाई

ऐसी मूर्तियों के निर्माण और विक्रय पर रोक लगाने आयुक्त ने किया दल का गठन

राजनांदगांव। आगामी गणेश पर्व के लिए नगर निगम सीमा क्षेत्र में गणेश प्रतिमा निर्माण स्थल एवं विक्रय स्थल में जाकर प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों की जांच कर कार्रवाई करने निगम आयुक्त जीआर मरकाम ने अधिकारियों का दल गठित किया है।

गठित दल के प्रभारी प्रभारी कार्यपालन अभियंता प्रणय मेश्राम, सदस्य राजस्व अधिकारी मोबिन अली व प्रभारी सहायक अभियंता गरिमा वर्मा तथा सदस्य सचिव प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी राजेश मिश्रा को बनाया है। आयुक्त मरकाम ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेशानुसार प्लास्टर ऑफ पेरिस से निर्मित मूर्तियाँ प्रतिबंधित होने पर आगामी गणेश पर्व के लिए निर्मित प्रतिमाओं के निरीक्षण के लिए दल का गठन किया गया है। गठित दल मूर्ति निर्माण एवं विक्रय स्थलों की नियमित जांच कर प्रतिबंधित सामग्री से बने मूर्तियों के विक्रय एवं विनिर्माण पर दण्डात्मक कार्रवाई करते हुए प्रतिबंध लगाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने बताया कि प्लास्टर ऑफ पेरिस पानी में घुलता नहीं है और उससे नदी एवं तालाब के पानी के अलावा वातावरण भी प्रदूषित होता है। जिसे ध्यान में रखते हुये मिट्टी से ही गणेश प्रतिमा का निर्माण करना है। आयुक्त ने स्वयं गत माह गणेश प्रतिमा निर्माण स्थल का निरीक्षण कर मूर्तिकारों से जानकारी लेकर निर्देशित किये थे कि बडी़-छोटी किसी भी प्रकार की प्रतिमा में प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग न करें, उपयोग करते पाए जाने पर दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त द्वारा गठित टीम ने गणेश प्रतिमा निर्माण स्थल का निरीक्षण कर मूर्तिकारों से जानकारी लेकर उन्हें समझाईश देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पीओपी की प्रतिमा निर्माण एवं विक्रय दोनों प्रतिबंधित है, निर्माण या विक्रय करते पाये जाने पर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के नियमानुसार दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी। टीम द्वारा प्रतिमा निर्माण स्थल तथा विक्रय स्थल का निरंतर निरीक्षण कर प्रतिवेदन दिया जाएगा।