
तस्करी का शक, नंदनकानन में रखा गया

ओडि़शा के बालासोर जिले के जंगलों में पांच अजीब दिखने वाले बंदर (वनमानुष) मिले हैं। असल में ये बंदर नहीं, बल्कि इंडोनेशिया और मलेशिया के मूल निवासी ‘ओरंगुटान’ (Orangutans) के बच्चे हैं। भारत या ओडिशा के जंगलों में इनका मिलना बेहद हैरान करने वाली घटना है, क्योंकि ये जीव भारत में प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते हैं।

ये बच्चे ओडिशा के बालासोर (Balasore) जिले के भोगराई ब्लॉक के अंतर्गत बड़ापाई गांव के पास ‘रानाकथा सुरक्षित वन’ (Ranakatha Reserve Forest) में मिले। 8 सितंबर 2026 को जब स्थानीय लोगों ने लाल-भूरे बालों वाले इन अजीब जीवों को पेड़ों की टहनियों से लटकते देखा, तो वे इन्हें अजीब बंदर समझने लगे। देखते ही देखते सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हो गई और हजारों की भीड़ जुट गई।

ओडिशा के वन और पर्यावरण मंत्री के अनुसार अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में एक ओरंगुटान बच्चे की कीमत लगभग 20 से 25 लाख रुपये है। इन पांचों बच्चों की कुल कीमत 1.25 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है। ओरंगुटान केवल दक्षिण-पूर्व एशिया के सुमात्रा और बोर्नियो द्वीपों पर पाए जाते हैं। अधिकारियों को शक है कि किसी अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी रैकेट द्वारा इन्हें अवैध रूप से भारत लाया गया था लेकिन पुलिस या चेकिंग के डर से तस्कर इन्हें बीच रास्ते में ही जंगल में छोड़कर भाग गए।

वन विभाग की टीम ने सभी 1 से 2 वर्ष की उम्र वाले 5 बच्चों (3 नर और 2 मादा) को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। मेडिकल जांच के बाद उन्हें भुवनेश्वर के नंदनकानन प्राणी उद्यान (Nandankanan Zoo) में क्वारंटीन में रखा गया है। भारत की ‘वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो’ (WCCB) और ओडिशा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स इस बात की जांच कर रही है कि इन्हें किस समुद्री, हवाई या रेल मार्ग से देश के भीतर लाया गया।
बनमानुष यानि Ape मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटे गए हैं, जिनमें कुल मिलाकर 20 से अधिक प्रजातियां (Species) आती हैं। इन्हें इनकी शारीरिक बनावट और आकार के आधार पर विभाजित किया गया है।


