छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने की निलंबन की मांग
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिन्दी माध्यम विद्यालय (बक्शी स्कूल), राजनांदगांव के बच्चों की पूर्व निर्धारित तिमाही परीक्षा को अचानक रद्द कर एक वीआईपी कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के मामले में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी पर तत्काल निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिस्टोफर पॉल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दिनांक 29 सितंबर 2026 को राजनांदगांव स्थित ऑडिटोरियम में ‘सेवा संकल्प कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया था, जिसमें उप-मुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का आगमन हुआ था। इस दौरान बक्शी स्कूल के विद्यार्थियों की पूर्व निर्धारित तिमाही परीक्षा आयोजित थी।
आरोप है कि प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल ने स्वयं प्राचार्य को फोन पर निर्देश दिया था कि “डिप्टी सीएम आ रहे हैं, इसलिए ऑडिटोरियम में बच्चों की भीड़ दिखनी चाहिए, अतः सभी बच्चों को तत्काल ऑडिटोरियम भेजा जाए। नेताओं की वाहवाही लूटने और भीड़ एकत्र करने के उद्देश्य से मासूम बच्चों के भविष्य और उनकी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के साथ खिलवाड़ किया गया।
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने इस गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनशील कृत्य की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन ने मांग की है कि इस गंभीर प्रकरण की उच्चस्तरीय व निष्पक्ष जांच कराई जाए, विद्यार्थियों की परीक्षा बाधित कर उन्हें भीड़ के रूप में इस्तेमाल करने वाले मुख्य दोषी प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास सिंह बघेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए तथा अन्य दोषियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न कर सके।
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