रात में स्वास्थ्य केंद्रों की हकीकत परखने निकले CMHO

गंडई और साल्हेवारा CHC का किया औचक निरीक्षण
सीएमएचओ डॉ. अनिल शुक्ला ने रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों की सुविधाओं और दवाओं की उपलब्धता का लिया जायजा
राजनांदगाँव/साल्हेवारा/गंडई।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और रात्रिकालीन चिकित्सा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति जानने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अनिल कुमार शुक्ला ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव के साथ शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 की रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गंडई एवं साल्हेवारा का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रात्रि 7:40 बजे CHC गंडई तथा रात 8:45 बजे CHC साल्हेवारा पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। अचानक हुए इस निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में चिकित्सकीय व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति और मरीजों की देखभाल से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई।

CMHO डॉ. अनिल कुमार शुक्ला एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव ने दोनों स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिति की जांच की। अधिकारियों ने भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उपचार, देखभाल और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान लेबर रूम, ओपीडी (OPD), आईपीडी (IPD) तथा प्रसव संबंधी सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई, ताकि रात्रिकालीन समय में मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया जा सके।

अधिकारियों ने भर्ती मरीजों को रात्रि में उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। साथ ही अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता की जांच की गई तथा नियर एक्सपायरी यानी जल्द समाप्त होने वाली दवाओं को अलग रखने के निर्देश दिए गए।

वार्डों में स्वच्छता बनाए रखने पर जोर देते हुए अधिकारियों ने नियमित अंतराल पर साफ-सफाई करवाने के निर्देश भी दिए, ताकि मरीजों को स्वच्छ एवं बेहतर उपचार वातावरण उपलब्ध हो सके।

औचक निरीक्षण के दौरान CHC गंडई के प्रभारी अधिकारी श्री प्रशांत सोनी, CHC साल्हेवारा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश वर्मा तथा ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहे।

रात्रिकालीन औचक निरीक्षण के माध्यम से स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता, मरीजों की देखभाल, दवाओं की व्यवस्था और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की गई। ऐसे निरीक्षणों से स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी तथा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिल सकती है।