झीरम हमले का फैसला अब 5 सितम्बर को आएगा

जगदलपुर की एनआईए अदालत ने फैसले की तारीख बढा़ई, आज आना था फैसला

जगदलपुर। 25 मई 2013 को बस्तर के झीरम घाटी क्षेत्र में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए नक्सली हमले के मामले में जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत ने निर्णय सुनाने की तारीख बढ़ा दी है। अदालत का फैसला आज आने वाला था पर अब फैसले की तारीख 5 सितंबर कर दी गई है।

झीरम घाटी क्षेत्र में नक्सली हमले में कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, बस्तर के कांग्रेस नेता महेन्द्र कर्मा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल और राजनांदगाँव के पूर्व विधायक उदय मुदलियार सहित कई लोगों की जान चली गई थी। 13 वर्षों से अधिक समय से चल रहे मामले में एनआईए की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए हैं।

मामले में शुरुआत में 11 आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू हुआ था। इनमें से एक आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। अब 10 आरोपियों के खिलाफ फैसला आना है।एनआईए ने इस मामले में पहले नौ गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सितंबर 2014 में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद सितंबर 2015 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई। लंबे ट्रायल के दौरान करीब 294 सुनवाइयां हुईं।

झीरम घाटी में 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादियों ने हमला किया था। हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, उदय मुदलियार सहित कांग्रेस के कई नेता और अन्य लोग मारे गए थे।

हमले के दो दिन बाद एनआईए ने जांच अपने हाथ में ली थी। बाद में इस मामले को लेकर राज्य स्तर पर एसआईटी जांच भी शुरू हुई थी। झीरम मामले में हमले की व्यापक साजिश को लेकर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर अलग-अलग सवाल उठते रहे हैं।