ढोलकल गणेश – बस्तर की पहाड़ी पर विराजमान अद्वितीय गणपति

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले की घने जंगलों से घिरी पर्वत श्रृंखला में एक ऐसी गणेश प्रतिमा विराजमान है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं और यात्रियों को पहाड़ी की कठिन चढ़ाई पार करनी पड़ती है।

यही हैं ढोलकल गणेश, प्रकृति और प्राचीन शिल्प का अद्भुत संगम। विशाल पत्थर पर उकेरी गई यह प्राचीन गणेश प्रतिमा जंगल और पहाड़ों के बीच ऊँचाई पर स्थित है।

ढोलकल गणेश को लेकर स्थानीय परंपराओं में अनेक कथाएँ प्रचलित हैं। स्थानीय जनजातीय समाज के लिए गणेश जी केवल एक प्राचीन प्रतिमा नहीं, बल्कि बस्तर की जीवित आस्था और लोकस्मृति का भी हिस्सा भी हैं।

प्रतिमा की सबसे खास बात है उसका प्राकृतिक परिवेश। किसी भव्य मंदिर के गर्भगृह के बजाय गणेश जी यहाँ पर्वत की चोटी पर खुले आकाश के नीचे विराजमान हैं।