
एक पिस्टल और मैग्जीन जब्त
राजनांदगांव। जिले में असामाजिक तत्वों और गुंडा-बदमाशों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चौकी चिखली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने क्षेत्र में पिस्टल लहराकर लोगों को डराने-धमकाने वाले चार आदतन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक अवैध पिस्टल और मैग्जीन बरामद की है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई गंभीर अपराध दर्ज हैं।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 1 अक्टूबर 2026 को रात्रि गश्त के दौरान सूचना मिली कि बड़ा तालाब पार रमन बाजार चिखली निवासी एक लड़का हाथ में पिस्टल लेकर लोगों को डरा-धमका रहा है। चिखली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर संदिग्ध को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम धनुष साहू उर्फ गोलू (19 वर्ष), निवासी रमन बाजार चिखली वार्ड नं. 10 बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक काले रंग की पिस्टल और मैग्जीन बरामद हुई, जिसे जब्त कर आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
पकड़े गए मुख्य आरोपी धनुष साहू से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने अपने साथी शेख शहबाज उर्फ शिब्बू और जफर मोमीन के साथ मिलकर पिस्टल खरीदी थी। क्षेत्र में अपना दबदबा कायम करने के लिए शेख शहबाज, जफर मोमीन, ऐश्वर्य झा उर्फ राम और धनुष साहू मिलकर रमन बाजार तालाब क्षेत्र में लोगों को पिस्टल दिखाकर डराते-धमकाते थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम धनुष साहू उर्फ गोलू (19 वर्ष), साकिन रमन बाजार चिखली वार्ड नं. 10, राजनांदगांव (छ.ग.), शेख शहबाज उर्फ शिब्बू (28 वर्ष), साकिन ओव्हरब्रिज के पास स्टेशनपारा वार्ड नं. 12, चिखली, राजनांदगांव (छ.ग.), जफर मोमीन (20 वर्ष), साकिन पेट्रोल पंप के पास वार्ड नं. 10, चिखली, राजनांदगांव (छ.ग.), ऐश्वर्य झा उर्फ राम (19 वर्ष), साकिन देशमुख होटल चौक के पास चिखली वार्ड नं. 05, राजनांदगांव (छ.ग.)।
शेख शहबाज के खिलाफ पूर्व में मारपीट, बलवा, आबकारी एक्ट, आर्म्स एक्ट (अपराध क्रमांक 372/2023, 755/2024, 287/2026 सहित कई मामले) एवं प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत दो दर्जन से अधिक गंभीर अपराध व इस्तगासा दर्ज हैं।
जफर मोमीन के भी विरुद्ध मारपीट, बलवा एवं प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कई मामले दर्ज हैं।
वहीं ऐश्वर्य झा एवं धनुष साहू दोनों के विरुद्ध भी क्षेत्र में शांति भंग करने व अन्य मामलों में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत रिकॉर्ड दर्ज है।

