हाईवे, शहर, गाँव, हर सड़क पर मवेशी राज

गौठान बंद, गौधाम योजना कागजों में, गौ मालिक दूध दूहकर सड़क पर छोड़ देते हैं मवेशी, कई मवेशियों की सड़क हादसे में हो चुकी है मौत

राजनांदगाँव। छत्तीसगढ़ की पूर्व सरकार ने सड़कों पर मवेशियों के डेरा जमाने की बुरी परंपरा को खत्म करने के लिए प्रदेश भर में गौठान बनाए थे। गौठानों के बन जाने से सारे मवेशी वहाँ सुरक्षित रहते थे लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई आई सरकार ने गौठानों को बंद कर दिया। अब हालत यह है कि हाईवे, शहर, गाँव हर जगह सड़कों पर मवेशियों का कब्जा है, और सड़क हादसों में कई मवेशियों की जानें भी जा रही हैं।

ऐसा नहीं है कि राज्य की विष्णुदेव साय सरकार ने छत्तीसगढ़ में पिछली भूपेश बघेल सरकार की गौठान योजना के बंद होने के बाद कुछ नहीं किया है। विष्णु देव साय सरकार ने आवारा व निराश्रित मवेशियों के संरक्षण के लिए ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत की है। इस नई योजना के तहत प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड में 10-10 गौधाम बनाए जाने का लक्ष्य है।

पूरे प्रदेश के विकासखंडों में कुल लगभग 1460 गौधाम स्थापित करना सरकार का लक्ष्य है। प्रत्येक गौधाम में लगभग 200 से अधिक मवेशियों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी, जहां उनके लिए हरा चारा (नैपियर घास), पानी, स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण का प्रबंध किया जाएगा।

पुलिस कार्रवाई के दौरान अवैध परिवहन या तस्करी से बचाए गए मवेशियों को भी यहां सुरक्षित आश्रय दिया जाएगा। इन गौधामों के संचालन के लिए पंजीकृत गौशालाओं, स्वैच्छिक संस्थाओं (एनजीओ), ट्रस्टों व सहकारी समितियों का सहयोग लिया जा रहा है।

हालाँकि यह सब सिर्फ कागजों में हो रहा है। हकीकत यह है कि गौधाम योजना सिर्फ कागजों तक सीमित है। यदि कहीं गौधाम बन भी गए हैं तो वहाँ मवेशी नजर ही नहीं आते। मवेशी मालिक दूध दूहने के बाद गायों को सड़कों पर छोड़ देते हैं। हाईवे हो, शहर हो या गाँव, हर जगह की सड़कों पर मवेशियों का कब्जा रहता है।

सड़कों पर मवेशियों के बैठे रहने के कारण आए दिन हादसे होते हैं और मवेशियों की जान चली जाती है। कल रविवार देर रात शहर के रेवाडीह के पास नेशनल हाईवे में बैठे मवेशियों के झुंड पर एक ट्रक चालक ने बेकाबू होकर अपना ट्रक चढा़ दिया। मवेशियों को रौंदने के बाद वह ट्रक चालक खुद दूसरे ट्रक से भिड़ गया। इस हादसे में करीब नौ-दस मवेशियों की मौत हो गई और कई मवेशी घायल हैं। ट्रक चालक भी हादसे में घायल हो गया है।

कुछ समय पूर्व सोमनी के पहले टोल प्लाजा के पास भी बेकाबू वाहन की चपेट में आकर कई मवेशियों की मौत हो गई थी। आए दिन सड़क हादसे में कई मवेशियों की मौत हो जा रही है, पर सरकार सिर्फ योजनाओं का नाम बदलने में लगी है। योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा में ठोस काम नहीं हो रहा है। बस, सिर्फ निर्देश जारी होते हैं कि सड़कों पर मवेशी दिखें तो अफसरों पर कार्रवाई होगी।