
प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
आज मशहूर गायक अभिनेता लकी अली का जन्मदिन है, हम उनके फ़िल्मी सफर, उनके गाने उनकी फ़िल्मों के बारे में तो जानते हैं लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में कम जानते हैं.
तो चलिए आज उनकी पर्सनल लाइफ की बात करते हैं,
19 सितम्बर 1958 को जन्मे लकी अली का असली नाम मकसूद महमूद अली है। वह हिंदी सिनेमा के महान और दिग्गज कॉमेडियन महमूद के बेटे हैं।
लकी अली का बचपन से ही घर से दूर देहरादून और मसूरी के बोर्डिंग स्कूलों में पढ़े। उनके पिता महमूद उस समय फिल्मों में इतने व्यस्त रहते थे कि वो अपने परिवार को ज्यादा समय नहीं दे पाते थे।
एक बार जब लकी अली करीब 4 साल की उम्र में बोर्डिंग स्कूल से लौटे, तो वह एयरपोर्ट पर महमूद उन्हें लेने आए, तब लकी अपने ही पिता को पहचान नहीं पाए थे और उन्हें देखकर बोले, “ये तो फिल्मी कॉमेडियन महमूद हैं..
लकी अली जब जवान हुए तो उन्हें गांजे की गंभीर लत लग गई थी। इस बात से उनके पिता महमूद इतने परेशान और दुखी थे कि उन्होंने लकी अली को सुधारने और उनके इस दर्द को पर्दे पर दिखाने के लिए एक फिल्म लिखी और बनाई थी, जिसका नाम था दुश्मन दुनिया का जो साल 1996 में आई थी।
हालांकि, लकी अली ने इस फिल्म में भूमिका निभाने से इनकार कर दिया था।
लकी अली इतने शानदार और सुरीले गायक है लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने संगीत की कोई फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं ली है, उन्होंने गिटार बजाना और गाना ख़ुद से ही सीखा है।
उनका फ़ैमिली बैकग्राउंड पूरा फ़िल्मी है, उनके पिता महमूद इतने बड़े एक्टर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर रहे हैं, उनकी मौसी बॉलीवुड की ट्रैजेडी क्वीन कही जाने वाली महान अभिनेत्री मीना कुमारी हैं, इसके बावजूद वो हमेशा बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर रहना पसंद करते हैं, और उन्होंने अपनी लाइफ में भी बड़े अजीबोगरीब काम किए हैं।
वो एक बेहतरीन घुड़सवार हैं और उन्होंने Horse Breeding का काम किया है। इसके अलावा, उन्होंने कुछ समय के लिए कालीन बेचने, तेल के कुओं पर काम करने और यहाँ तक कि Organic Farming भी की है।
उनके पास विमान उड़ाने का भी अनुभव है।
लकी अली ने अपने जीवन में तीन शादियां की हैं और उनके पाँच बच्चे हैं।
अपने एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी तीन शादियों और पाँच बच्चों को लेकर बहुत सारी बातें कहीं थीं।
लकी अली का मानना है कि उनका पारिवारिक माहौल हमेशा से बहुत ही ग्लोबल रहा है। खुद उनके पिता और दिग्गज अभिनेता महमूद ने भी भारत से बाहर एक अमेरिकी महिला ट्रेसी से शादी की थी। इसी राह पर चलते हुए लकी अली ने भी अलग-अलग देशों की महिलाओं से तीन शादियाँ कीं
उन्होंने पहली शादी न्यूजीलैंड की मॉडल मेघन जेन मैक्लरी से की थी। जिन्होंने शादी के बाद अपना नाम तस्मिया अली रखा। वो उनके सबसे मशहूर गाने ओ सनम के वीडियो में भी नजर आई थीं। इस शादी से उनके दो बच्चे हैं ताअव्वुज़ और तस्मिया।
दूसरी शादी इनाया से की जो एक पारसी मूल की महिला है। इस शादी से भी लकी अली के दो बच्चे हुए सारा और रायान।
लकी अली ने तीसरी शादी ब्रिटिश मॉडल और पूर्व मिस इंग्लैंड केट एलिजाबेथ हॉलम से की थी।
इन दोनों के मिलने के पीछे बहुत ही दिलचस्प किस्सा है जो ख़ुद केट ने एक इंटरव्यू में बताया था..
साल 2009 में जब केट मिडिल ईस्ट में रहती थीं, तब उनके एक दोस्त ने भविष्यवाणी की थी कि उनके भाग्य में भारत जाना लिखा है, जहाँ वे एक भारतीय से शादी करेंगी और उनका एक बच्चा भी होगा।
इसके कुछ समय बाद ही उन्हें भारत की एक फिल्म में काम करने का ऑफर मिला, जिसके गाने लकी अली गाने वाले थे. जब वे भारत आईं, तो उनकी मुलाकात लकी अली से हुई।
केट भारत की संस्कृति से इतनी प्रभावित हुईं कि जब लकी अली ने उन्हें प्रपोज किया, तो उन्होंने तुरंत हां कह दिया.
उस वक्त केट ये भी नहीं जानती थीं कि लकी अली भारत के कितने बड़े स्टार हैं.
2010 में दोनों ने शादी कर ली और उनका एक बेटा हुआ, जिसका नाम दानी रखा गया.
हालांकि, लकी अली की तीन शादियों के चलते ये शादी ज़्यादा नहीं चली और 2017 में दोनों आपसी सहमति से अलग हो गए।
लकी अली ने तीन शादियां की लेकिन वो आख़िर में अकेले हो गए,
आमतौर पर लोग इसे रिश्तों की नाकामी कह सकते हैं, लेकिन लकी अली का मानना है कि
ये बिल्कुल जरूरी नहीं है कि आप जिंदगी की शुरुआत जिस पार्टनर के साथ करें, अंत भी उसी के साथ हो।
मेरी शादियां कानूनी तौर पर भले खत्म हो गईं, लेकिन मेरे रिश्ते आज भी जिंदा हैं। हम साथ नहीं रह पाए क्योंकि हर किसी की अपनी जरूरतें होती हैं, लेकिन मेरे दिल में उनके लिए कोई कड़वाहट नहीं है।
वो आज ५ बच्चों के पिता हैं और हर एक बच्चे के साथ उनका एक अलग आध्यात्मिक जुड़ाव है।
जब लकी अली का पहला एल्बम आया तो वे देश के सबसे बड़े स्टार बन गए थे, बॉलीवुड उनके कदमों में था, लेकिन लकी ने खुद को वहां से खींच लिया। उन्होंने महसूस किया कि फिल्म इंडस्ट्री में कला से ज्यादा चालाकी और बदतमीजी का बोलबाला है।
वे सब कुछ छोड़कर बेंगलुरु के येलाहंका में अपने पिता के पुराने फार्महाउस में रहने चले गए।
लकी अली स्वभाव से काफी आध्यात्मिक हैं, मक्का और मदीना उनकी पसंदीदा जगहों में से हैं जहाँ उन्हें सुकून मिलता है।
वे जिंदगी और मौत महबूबा है एक दिन आएगी के सच को बेहद सहजता से स्वीकार करते हैं।
कुछ समय पहले एक कॉन्सर्ट में उन्होंने उन्होंने भावुक होकर अपने फैंस से कहा था कि
वे अपने सूटकेस में हमेशा एहराम यानी कफन का कपड़ा साथ लेकर चलते हैं, ताकि दुनिया में जहाँ भी मेरी सांसें थमें, मुझे वहीं दफना दिया जाए। मैं अपनी मौत के लिए हर पल तैयार रहता हूँ।
सुरों के जादूगर लकी अली को जन्मदिन की शुभकामनाएं!
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