सेलिना जेटली की राखी कब मनेगी?

डॉ. प्रकाश हिन्दुस्तानी, इंदौर


कहाँ
है सेलिना जेटली के भाई मेजर विक्रांत जेटली?

दो साल से मैं सेलिना जेटली को सोशल मीडिया पर देख रहा हूँ। सेलिना 2001 की मिस इण्डिया और मिस यूनिवर्स की उपविजेता, अभिनेत्री और लेखिका हैं। उनके पिता सेना से रिटायर होकर मेरे शहर महू में ही बस गए थे। सेलिना के दादा-परदादा और नाना-परनाना का रिश्ता भी सेना से रहा है और एक भाई मेजर विक्रांत जेटली भी सेना में रहे। मेजर विक्रांत कुमार जेटली रिटायर होकर यूएई चले गए और मैटिटि ग्रुप के सीईओ और पार्टनर बन गए।

फिर अचानक एक दिन सेलिना के भाई मेजर विक्रांत जेटली गायब हो गए। मामला रहस्यमय हो जाता है। सेलिना जेटली और उनके वकीलों के अनुसार, *6 सितंबर 2024 को विक्रांत अपनी पत्नी के साथ यूएई में Mall of the Emirates गए थे। सेलिना की ओर से अदालत में रखी गई कहानी के मुताबिक पार्किंग क्षेत्र में कुछ लोग आए, उन्होंने विक्रांत से उनका आईडी लिया और उन्हें एक काली कार में ले गए। सेलिना के मुताबिक शुरुआती महीनों में परिवार को विक्रांत के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उन्हें यह भी पता नहीं था कि वे कहां हैं?

बाद में कानूनी और राजनयिक माध्यमों से उन्हें पता चला कि मामला नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। इसके बाद परिवार को काफी समय तक यह तक स्पष्ट नहीं था कि विक्रांत को किस एजेंसी ने और किस कानूनी आधार पर हिरासत में लिया है। उन पर क्या आरोप हैं।*

लगभग नौ महीने तक क्या हुआ? यही इस मामले का सबसे परेशान करने वाला हिस्सा है। लेकिन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिकॉर्ड में आज तक कोई विस्तृत आरोप पत्र या ऐसा आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है जिसमें विक्रांत के खिलाफ विशिष्ट ‘अपराध’ स्पष्ट रूप से बताया गया हो। क्या वो सीआईए के जाल में हैं या मोसाद के? आईएसआई या कोई? क्या रिटायर होकर मेजर विक्रांत रॉ के लिए काम कर रहे थे?

सेलिना जेटली करीब दो साल से अपने भाई के बारे में जानने और उसे वापस लेन के लिए लड़ रही हैं। इस राखी पर उन्होंने यह भावुक पोस्ट शेयर की है :

“30 सितंबर 2024 को जब मेरे भाई, मेजर विक्रांत कुमार जैतली के बारे में खबर सबसे पहले मेरे पास पहुंची, तब से मैंने सिर्फ अपने सबसे उदास रूप से मुलाकात की है।

उस दिन के बाद हर दिन भ्रम, फ्लैशबैक, PTSD (पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर ) शोक, बचपन की छोटी-छोटी बहस के बेवकूफी भरे विचार, हमारी बेकार लड़ाइयां, हंसी, हमारा प्यार और जब मम्मी-पापा की मृत्यु हुई तो हमने एक-दूसरे को कैसे संभाला — इन सबका दुःस्वप्न रहा है।

2024 के बाद से मैंने उनकी आवाज़ नहीं सुनी, उन्हें नहीं देखा और न ही उनसे मुलाकात की है।

एक बहन के रूप में मैंने वह सब कुछ किया है जो मैं कर सकती थी, चाहे कुछ भी कहा गया हो। वे ही मेरे सब कुछ हैं। मेरे बेटों के अलावा वे ही मेरा एकमात्र परिवार हैं। मैं उनके साथ खड़ी हूं !!!!!!!

वे मेरे जीवन का पहला प्यार थे।

अब भी हैं।

सबसे बढ़कर, मैं उनकी लचीलापन, उनके साहस और स्पेशल फोर्सेस अधिकारी के रूप में हमारे देश की सेवा में उन्होंने जो कुछ दिया है, उसके लिए उनकी गहराई से प्रशंसा करती हूं।

काश कोई बहन कभी यह न झेले। काश कोई भाई वह न सहे जो वे सह रहे हैं।

मेजर विक्रांत मुझसे बहुत गुस्सा हो जाते थे क्योंकि मेरी राखियां समय पर उन तक नहीं पहुंचती थीं। कभी मैं देर से भेजती थी, कभी वे पहुंचती ही नहीं थीं। आज मैं कुछ भी दे दूंगी कि वे फिर से इसकी शिकायत करें।

मुझे अभी भी वह एक रुपये का सिक्का याद है जो उन्होंने मेरी हथेली में रखा था जब मैं उनकी छोटी बहन थी। मुझे वे बालियां याद हैं जो उन्होंने एक सैनिक के रूप में अपनी पहली सैलरी से मेरे लिए खरीदी थीं। छोटी-छोटी चीजें जब उनसे जुड़ा व्यक्ति अचानक आपकी पहुंच से बाहर हो जाए तो पूरी दुनिया बन जाती हैं।

राखी सिर्फ एक धागा नहीं है।

यह आत्मा का बंधन है — जटिल, अपूर्ण, शाश्वत।

महादेव हमारे बंधन को आशीर्वाद दें। महादेव मुझे लड़ाई जारी रखने का साहस दें, हर दिन फर्श से अपने टुकड़े उठाने, उन्हें फिर से जोड़ने और खड़े होने की शक्ति दें।

क्योंकि एक सैनिक की बहन कभी हार नहीं मानती।

मम्मी, पापा, इस ब्रह्मांड में जहां भी हो, हमें आशीर्वाद दो। उन्हें इस परीक्षा को सहने की शक्ति दो जब तक हम फिर न मिलें।

डंपी, मैं तुम्हें कभी, कभी नहीं छोड़ूंगी।”

-सेलिना जेटली

मेरा मानना है कि (सेवानिवृत्त) मेजर विक्रांत जेटली भारतीय सेना के जांबाज़ अधिकारी रहे हैं और वीरता पदक प्राप्त हैं। उनकी ‘खोज’ में भारत सरकार को अहम् भूमिका निभानी ही चाहिए और उन्हें ससम्मान वहारत लाया जाना चाहिए।