
प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
ये बात साल 1960 के आस-पास की है। उस समय सिनेमाघरों में शुभा खोटे और मशहूर कॉमेडियन महमूद की जोड़ी लोगों को खूब हंसा रही थी। तब शुभा खोटे के फैन्स उन्हें बहुत चिठ्ठी लिखा करते थे और उन चिठ्ठी का जवाब ख़ुद शुभा देती थीं…लेकिन एक दिन उनके पास ऐसा खत आया, जिसे पढ़कर सब डर गए।
उस खत में एक फैन ने शुभा जी के चेहरे पर तेज़ाब फेंकने की धमकी दी थी।
दरअसल उस दौर में शुभा खोटे और मशहूर कॉमेडियन महमूद की ऑन-स्क्रीन जोड़ी बेहद लोकप्रिय थी और वे अक्सर फिल्मों में एक-दूसरे के साथ नोकझोंक या प्यार करते दिखते थे। वो फैन शुभा जी को किसी और अभिनेता खासकर महमूद के साथ फिल्मों में रोमांस करते हुए नहीं देख पा रहा था और इसी जलन में उसने ये धमकी भरा खत लिखा था..
खत को पढ़कर शुभा खोटे और उनका परिवार बहुत घबरा गया था। उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया, उस सिरफिरे फैन को ढूंढ निकाला और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की थी।
शुभा खोटे का जन्म 30 अगस्त 1937 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता नंदू खोटे मशहूर स्टेज एक्टर थे, उनकी आंटी और मामा भी फ़िल्मी दुनिया में सक्रिय थे..पूरे परिवार में फ़िल्मी माहौल होने के बावजूद भी शुभा जी ने कभी फ़िल्मों में आने के बारे में नहीं सोचा..
वह बचपन से ही खेलकूद में बहुत तेज थीं। साल 1952 से 1955 के बीच वह लगातार तैराकी और साइकिलिंग में पूरे भारत की महिला नेशनल चैंपियन रहीं। उस जमाने में वह मुंबई के मैदानों में लड़कों के साथ साइकिल की रेस लगाती थीं और उन्हें हरा देती थीं।
शुभा जी को उनकी पहली फ़िल्म भी इसी साइकिलिंग की वजह से मिली थी..
एक बार वह मुंबई के ओवल मैदान में लड़कों के साथ साइकिलिंग रेस की प्रैक्टिस कर रही थीं।
उसी समय वहां से उस दौर के मशहूर फिल्म निर्माता और निर्देशक अमिय चक्रवर्ती गुजर रहे थे। उन्होंने एक लड़की को लड़कों को पछाड़ते हुए इतनी तेज साइकिल चलाते देखा, तो वह बेहद प्रभावित हुए।
अमिय चक्रवर्ती उस समय फिल्म सीमा बना रहे थे और उन्हें इस फिल्म के लिए एक ऐसी ही लड़की चाहिए थी जो निडर हो और अच्छी साइकिल चला लेती हो।
जब अमिय चक्रवर्ती ने शुभा को फिल्म का ऑफर दिया, तो उन्होंने साफ मना कर दिया क्योंकि उनकी दिलचस्पी सिर्फ स्पोर्ट्स में थी। लेकिन डायरेक्टर के बार-बार समझाने और उनके पिता के कहने पर वह आखिरकार फिल्म करने के लिए राजी हो गईं।
फिल्म सीमा सुपरहिट रही और वो स्टार बन गई…
50 और 60 के दशक में शुभा खोटे और कॉमेडियन महमूद की जोड़ी इतनी बड़ी हिट थी कि फिल्मों के पोस्टर पर हीरो-हीरोइन के साथ इन दोनों की फोटो भी छपती थी। ससुराल, जिद्दी और भरोसा जैसी फिल्मों में इस जोड़ी को देखने के लिए लोग थियेटर आते थे।
परदे पर भले ही ये दोनों प्रेमी-प्रेमिका बनते थे, लेकिन एक इंटरव्यू में शुभा खोटे ने बताया था कि वो और महमूद एक-दूसरे को भाई कहकर बुलाते थे।
जब शुभा जी सावन के सोमवार का व्रत रखती थीं, तो महमूद उनके इस नियम का बहुत सम्मान करते थे और शूटिंग के दौरान इस बात का खास ख्याल रखते थे कि शुभा को समय पर फलाहार मिल सके। दोनों एक-दूसरे के धर्म का बहुत आदर करते थे…
फिल्मों में लंबा काम करने के बाद, उन्होंने टीवी की दुनिया में कदम रखा।
90 के दशक में दूरदर्शन का एक बहुत मशहूर कॉमेडी शो आता था ज़बान संभालके इसमें उन्होंने पंकज कपूर, और अपने भाई बीजू खोटे और अपनी बेटी भावना के साथ काम किया था…
इसके बाद भी उन्होंने बा बहू और बेबी जैसे कई सीरियल्स में काम किया।
शुभा खोटे जी ने साल 1960 में डी. एम. बलसावर से शादी की थी जो एक बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी नोसेल में ऊंचे पद पर काम करते थे।
दोनों की मुलाकात साइकिलिंग और खेलों के सिलसिले में ही हुई थी, जो बाद में प्यार और फिर शादी में बदल गई।
उन दोनों के तीन बच्चे हुए एक बेटी भावना बलसावर जो मशहूर टीवी एक्ट्रेस हैं जिन्होंने देख भाई देख जैसे मशहूर सीरियल में काम किया है और दो बेटे अश्विन बलसावर और जमील बलसावर हैं..
आज 88 साल की इस उम्र में भी वह बिल्कुल फिट हैं और लगातार टीवी शोज और थियेटर में काम कर रही हैं…
शुभा खोटे जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं
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