
आज Birth anniversary
प्रीति सिंह, गाजियाबाद
मेरा साया मेरे महबूब, लव इन शिमला जैसी कई सुपरहिट फ़िल्मों में नज़र आई साधना शिवदासिनी जिन्हें सिर्फ़ साधना के नाम से जानते हैं, उनकी बर्थ एनिवर्सरी है…
साधना अपनी बेहतरीन अदाकारी, दिलकश मुस्कान और अनोखे फैशन स्टेटमेंट के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने भारतीय फैशन जगत को साधना कट हेयरस्टाइल और चूड़ीदार सलवार सूट जैसे लोकप्रिय ट्रेंड्स दिए।
उनकी हेयर स्टाइल तो इतनी फेमस हो गई थी कि उस दौर की लड़कियां उनकी तरह ही बाल कटवाया करती थीं..
साधना को अपने बालों से इस कदर प्रेम था कि एक बार तो वो सेट पर शोमैन राजकपूर से लड़ बैठी थी..
दरअसल साधना बचपन से ही एक्ट्रेस बनना चाहती थी, फिल्मों में उनकी दिलचस्पी देखकर उनके पिता ने उन्हें १४ साल की उम्र में ही श्री ४२० में काम दिलवा दिया…इस फ़िल्म के एक गाने में उन्हें बैकग्राउंड डांसर का छोटा सा रोल मिला था..
साधना को बचपन से ही अपने बालों को संवारने का बड़ा शौक था..जैसे ही राजकपूर एक्शन बोलते, साधना अपने बाल संवारने लगती..उनकी इस बाल संवारने की आदत से दो तीन शॉट ख़राब हो गए..
इस बात पर राजकपूर चिढ़ गए और उन्होंने गुस्से में साधना को डाँट दिया कि बाल ही संवारने हैं तो फ़िल्म करना छोड़ दो और शादी कर लो..
कहा जाता है कि इसके बाद दोनों में बहस हो गई थी..
इस डांट से साधना का दिल टूट गया और स्वाभिमानी साधना ने राज कपूर से नफरत करना शुरू कर दिया। उन्होंने मन ही मन कसम खाई कि वह एक दिन बड़ी स्टार बनेंगी..
इसके बाद उन्हें भारत की पहली सिंधी फिल्म अबाना जो १९५८ में आई थी, में काम मिला, जिसके लिए उन्होंने फीस के तौर पर सिर्फ 1 रुपये का टोकन लिया था।
इस फ़िल्म में भी उनका रोल छोटा ही था जिससे उन्हें कोई ख़ास फायदा नहीं हुआ लेकिन इस फ़िल्म के लिए साधना का एक प्रमोशनल शूट हुआ था और उस प्रमोशनल शूट की तस्वीरें उस जमाने की पॉपुलर स्क्रीन मैगजीन में छप गई..
एक दिन उस मैगेजीन को मशहूर फ़िल्ममेकर शशधर मुखर्जी पढ़ रहे थे कि उनकी नज़रें ख़ूबसूरत साधना की तस्वीर पर टिक गईं.. उन्होंने साधना का पता निकलवाया और उन्हें अपने एक्टिंग स्कूल में एक्टिंग सीखने बुला लिया..उसी स्कूल में उनका बेटा जॉय मुखर्जी भी एक्टिंग सीखता था..
शशधर मुखर्जी ने साधना को अपने बेटे जॉय मुखर्जी के साथ फ़िल्म लव इन शिमला में लांच करने का फैसला किया और आर.के. नय्यर को डायरेक्टर चुना गया, जिनसे बाद में साधना ने शादी की थी..
फिल्म लव इन शिमला साथ 1960 में रिलीज हुई और सुपरहिट साबित हुई और इस फिल्म से साधना रातोंरात स्टार बन गईं।
इसके बाद उन्होंने कई एक्टर्स के साथ हिट फिल्में दी, लेकिन उन्होंने कभी भी राज कपूर के साथ मुख्य अभिनेत्री के तौर पर काम नहीं किया और राज कपूर की मुख्य अभिनेत्री बनने के कई ऑफर उन्होंने ठुकरा दिए थे..
साधना जी दुनिया के सामने हमेशा खूबसूरत रही..इसका कारण है कि जब साधना ने फिल्मों से संन्यास लिया, तो उन्होंने तय किया कि वो कभी भी सार्वजनिक रूप से अपनी तस्वीरें नहीं खिंचवाएंगी।
वह चाहती थीं कि दुनिया उन्हें हमेशा उसी रूप में याद रखे जैसी वह अपनी फिल्मों मेरे महबूब, वक़्त में बेहद खूबसूरत दिखती थीं..
और जीवन के आखिरी 20-30 सालों में उन्होंने अपने बनाये इस नियम का कड़ाई से पालन भी किया। जब भी वो किसी कार्यक्रम में अपनी सहेलियों वहीदा रहमान, आशा पारेख के साथ जाती थीं, तो मीडिया से अपनी तस्वीर न लेने का अनुरोध करती थीं।
यही वजह है कि उनके बुढ़ापे की तस्वीरें इंटरनेट पर ना के बराबर हैं…
स्टार्डम के दिनों में करोड़ों दिलों पर राज करने वाली साधना अपने आखिरी दिनों में मुंबई के सांताक्रूज इलाके में एक तीन मंजिला इमारत में रहती थीं।
दिलचस्प बात ये है कि वह पूरी इमारत मशहूर गायिका आशा भोसले की थी और साधना वहां उनके किराएदार के रूप में रह रही थीं।
आखिरी दिनों में संपत्ति को लेकर उनका मकान मालिक के साथ कुछ विवाद भी हुआ था, जिसे सुलझाने में उनकी सहेलियों ने मदद की थी..
उनके पति आर. के. नैयर के निधन के बाद उनका जीवन काफी अकेलेपन और कानूनी विवादों में बीता।
25 दिसंबर 2015 को मुंबई के एक अस्पताल में उनका निधन हो गया।
जन्मदिन की शुभकामनाएं.. ❤️❤️❤️
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