बॉलीवुड में रहस्य, थ्रिलर और इच्छाधारी नाग-नागिन वाली कहानियों का शुरु हुआ था एक नया दौर

नागिन

प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश

साल 1976 में आई फिल्म नागिन आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी और यादगार हिट फिल्मों में गिनी जाती है।
डायरेक्टर राजकुमार कोहली ने इस एक फिल्म में बॉलीवुड के कई बड़े सुपरस्टार्स को इकट्ठा कर दिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। इस फिल्म ने न सिर्फ रीना रॉय के करियर को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया, बल्कि बॉलीवुड में रहस्य, थ्रिलर और इच्छाधारी नाग-नागिन वाली कहानियों का एक नया दौर भी शुरू किया।

निर्देशक राजकुमार कोहली नागिन के किरदार के लिए उस दौर की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों को लेना चाहते थे इसीलिए उन्होंने सायरा बानो, हेमा मालिनी, वैजयंती माला, आशा पारेख और मुमताज को ये रोल ऑफर किया। लेकिन उन सभी ने इसे करने से मना कर दिया।
उनका मानना था कि करियर के पीक पर एक विलेन जैसी यानी बदला लेने वाली कातिल नागिन की भूमिका निभाने से उनकी छवि खराब हो सकती है।

जब बड़ी हीरोइनों ने इस रोल के लिए मना कर दिया, तब सुनील दत्त और जितेन्द्र ने निर्देशक को रीना रॉय का नाम सुझाया। उन दोनों ने डायरेक्टर राजकुमार कोहली को भरोसा दिलाया कि रीना ये रोल अच्छे से कर लेंगी।
रीना रॉय उस समय उम्र में बहुत छोटी थीं और इंडस्ट्री में नई थीं, लेकिन उन्होंने इस फ़िल्म में अपनी शानदार एक्टिंग से सबको हैरान कर दिया।

फ़िल्म की शूटिंग के दौरान एक बड़ा ही मजेदार किस्सा हुआ था।
फिल्म में रेखा पर एक गाना फिल्माया जाना था। जब रेखा ने सेट पर आकर रीना रॉय की खूबसूरत नागिन वाली कॉस्ट्यूम देखी, तो वह अड़ गईं कि उनकी ड्रेस भी उतनी ही शानदार होनी चाहिए। इस वजह से रेखा के लिए विशेष तौर पर नई ड्रेस बनवाई गई, जिसमें 5 दिन का समय लगा था और तब तक फिल्म की शूटिंग रुकी रही थी।

भले ही मुमताज ने नागिन का किरदार निभाने से मना कर दिया था, लेकिन निर्देशक के कहने से उन्होंने फिल्म में एक छोटा सा रोल निभाया था।
शादी के बंधन में बंधने और फिल्मों से ब्रेक लेने से पहले, आधिकारिक तौर पर यह मुमताज के करियर की आखिरी फिल्म मानी जाती है।

इस फिल्म का एक सदाबहार गाना है जो नाग-नागिन के रूप में जितेंद्र और रीना रॉय पर फ़िल्माया गया था तेरे संग प्यार मैं नहीं तोड़ना….

ये गाना इतना लोकप्रिय हुआ कि इसके रिलीज होने के 28 साल बाद, यानी साल 2004 में आई मशहूर हॉलीवुड फिल्म Eternal Sunshine of the Spotless Mind के एक बैकग्राउंड सीन में इस गाने को हूबहू बजाया गया था।

इस फ़िल्म के संगीतकार लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल थे। उन्होंने गीतकार वर्मा मलिक के साथ फ़िल्म के गानों में एक अनोखा प्रयोग किया था।

फिल्म के सभी 6 गानों की शुरुआत सिर्फ दो शब्दों से होती है तेरे या तेरा…
जैसे तेरे संग प्यार मैं नहीं तोड़ना…
तेरे मेरे याराने…
तेरे इश्क का मुझ पे हुआ ये असर है…

इस फिल्म की सफलता में जितना हाथ इसकी कहानी और कलाकारों का था, उतना ही हाथ इसके संगीत का भी था। लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल द्वारा बनाई की गई बीन की धुन बहुत शानदार थी।

क्या आपने देखी है ये फिल्म? कैसी लगी थी?

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