
दिग्विजय स्टेडियम लिखे बोर्ड पर भारी पड़ रहा जीवन बीमा निगम का बोर्ड
स्टेट बैंक को भी करना चाहिए ये काम
राजनांदगाँव। हाल ही में दिग्विजय स्टेडियम समिति के पदेन अध्यक्ष और कलेक्टर जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में दिग्विजय स्टेडियम समिति की बैठक हुई। बैठक में दिग्विजय स्टेडियम में खेल सुविधाओं के विस्तार और स्टेडियम के बेहतर रखरखाव पर अच्छी चर्चा हुई। लेकिन दिग्विजय स्टेडियम समिति की बैठक में किसी ने न इस पर बात की और न किसी ने इस मसले के बारे में सोचा कि दिग्विजय स्टेडियम के मुख्य द्वार पर जहाँ ऊपर दिग्विजय स्टेडियम लिखा हुआ है, उस जगह पर भारतीय जीवन निगम के बोर्ड ने स्टेडियम के बोर्ड को कब्जे में ले लिया है।
शहर और शहर के सबसे बेहतरीन धरोहर दिग्विजय स्टेडियम के लिए एक अच्छी खबर है कि स्टेडियम परिसर में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा और भारतीय जीवन बीमा निगम का मुख्य कार्यालय संचालित होने लगा है लेकिन इस काम में एक चूक भी हुई है, जिस पर सुधार होना जरूरी है। राजनांदगाँव रियासत के अंतिम राजा राजा दिग्विजय दास के नाम से दिग्विजय स्टेडियम का निर्माण हुआ है। बनने के काफी समय बाद स्टेडियम की स्थिति खराब होने के बाद इसे तोड़कर नए सिरे से स्टेडियम बनाया गया।
नए सिरे से बने दिग्विजय स्टेडियम परिसर में पूर्व से संचालित व्यापारिक संस्थानों के साथ ही कुछ नए व्यवसाय भी प्रारंभ हुए हैं। अब स्टेडियम के एक हिस्से में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा और भारतीय जीवन बीमा निगम की मुख्य शाखा भी संचालित होने लगी है। अव्वल तो स्टेडियम परिसर में भारतीय जीवन बीमा निगम को स्टेट बैंक के बाद के हिस्से को देना चाहिए था, इससे दिग्विजय स्टेडियम का मुख्य द्वार बचा रहता और भारतीय जीवन बीमा निगम भी स्टेट बैंक के दूसरी ओर अपनी सुविधा के मुताबिक वहाँ काम करा पाता, लेकिन बीमा निगम को स्टेट बैंक के पहले वाली जगह दे दी, जो दिग्विजय स्टेडियम का मुख्य द्वार है, जिसके ऊपर स्टेडियम का बोर्ड लगा हुआ है।
खैर अब जब भारतीय जीवन बीमा निगम की शाखा दिग्विजय स्टेडियम के मुख्य प्रवेश द्वार में संचालित की जा रही है। इसी द्वार के ऊपर स्टेडियम का गुंबज बना हुआ है और स्टेडियम के गुंबज के नीचे बडे़ आकार में ग्लो साइन बोर्ड लगा है जिसमें अंग्रेजी में दिग्विजय स्टेडियम लिखा गया है। पहले यहां लिखा हुआ दिग्विजय स्टेडियम बेहद साफ और सुरक्षित दिखता था लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है।
इस बोर्ड के ठीक नीचे भारतीय जीवन बीमा निगम का बोर्ड लगा दिया गया है। सिर्फ यहीं नहीं, इसके अगल बगल में भी भारतीय जीवन बीमा निगम का बोर्ड लगा दिया गया है। अगल-बगल में लगे बोर्ड तो फिर भी चल सकते हैं पर स्टेडियम के मुख्य द्वार जिसके ऊपर दिग्विजय स्टेडियम लिखा है, वहां से भारतीय जीवन बीमा निगम का बोर्ड निकालकर अन्यत्र लगाया जाना चाहिए।
इस संबंध में हमने दिग्विजय स्टेडियम के मैनेजर सहित कई लोगों का ध्यानाकृष्ट भी कराया है लेकिन अब तक इस पर कोई पहल नहीं की गई है।
हालांकि इस बोर्ड के ठीक नीचे यानि जीवन बीमा निगम के प्रवेश द्वार में विभाग ने दफ्तर आने वाले दिव्यांग या असहज महसूस करने वालों के लिए रैम्प बनाकर और रैम्प में रेलिंग लगाकर जरूर बढि़या काम किया है। लेकिन बीमा निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को दिग्विजय स्टेडियम के बोर्ड के सामने लगे अपने बोर्ड को हटाकर स्टेडियम को स्टेडियम जैसा स्वरूप देने का काम करना चाहिए।
यदि नीचे दिव्यागों के लिए रेलिंग की बात की जाऐ तो ऐसे ही बढि़या पहल का काम इस दफ्तर के बगल में मौजूद भारतीय स्टेट बैंक को भी करना चाहिए। भारतीय स्टेट बैंक ने भी रैम्प बनवा दिया है पर उस रैम्प पर रेलिंग नहीं होने के कारण दिव्यांग जनों को बैंक की सीढि़यां चढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।


