
मुख्यमंत्री का गृह जिला है जबपुर, 7 साल में 114 हाथियों की हो गई है मौत
प्रफुल्ल ठाकुर, रायपुर
छत्तीसगढ़ में एक और हाथी की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर के दुलदुला वन परिक्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में करीब 15 वर्षीय नर हाथी मृत मिला है। मृत हाथी की पीठ और सूंढ़ पर चोट के गंभीर निशान हैं, जिससे उसकी मौत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में वन विभाग की रिपोर्ट भी सवालों के घेरे में है। दुलदुला वन परिक्षेत्र ने गुरुवार को जारी हाथियों की रिपोर्ट में क्षेत्र में एक भी हाथी नहीं होने की जानकारी दी, जबकि इसी रेंज में हाथी का शव मिला। खुद अंदाजा लगाइए, वन विभाग की निगरानी और रिपोर्टिंग कितनी सटीक है?
हाथियों की मौत का सिलसिला छत्तीसगढ़ में नया नहीं है। इसी साल मार्च में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया था कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में 38 हाथियों की मौत हुई है। लेकिन इन आंकड़ों से इतर 2026 के शुरुआती छह महीनों में अकेले रायगढ़ जिले में जनवरी से जून के बीच 10 हाथियों की मौत हुई, जिनमें 9 शावक थे।
हर महीने राज्य के किसी न किसी हिस्से से हाथी की मौत की खबर आती है। 2019 से जून 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो छत्तीसगढ़ में 114 हाथी अपनी जान गंवा चुके हैं।
हसदेव अरण्य में कोयला खनन और जंगलों के बदलते भू-दृश्य के बीच हाथियों के पारंपरिक रहवास पर दबाव बढ़ा है। इसका असर उनके आवागमन पर भी दिखाई दे रहा है। करीब पांच दशक में पहली बार सरगुजा क्षेत्र में रहने वाले हाथी अब बस्तर तक पहुंच रहे हैं।
इन दिनों छत्तीसगढ़ समेत पूरा देश भगवान गणेश की पूजा में लगा है। लेकिन उनके ही रूप माने जाने वाले हाथी लगातार जंगलों में अपनी जान गंवा रहे हैं।
भगवान गणेश प्रदेश के नेताओं और अधिकारियों को इतनी सद्बुद्धि जरूर दें कि हाथियों की मौत को महज आंकड़ा मानने के बजाय उनके संरक्षण और सुरक्षित रहवास को गंभीरता से लें।
मृत हाथी और वन विभाग के लोगों की संवेदना को विनम्र श्रदांजलि। 🌿🌼🙏
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#Kedar Kashyap


