दक्षिण छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी और विकास के खुले नए द्वार

दल्ली राजहरा–रावघाट रेल परियोजना का कार्य पूरा
जितेंद्र जैन जीतू
दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया गया है। 95 किलोमीटर लंबी दल्ली रारहरा–रावघाट नई रेल लाइन परियोजना का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इसमें 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी–रावघाट रेलखंड का कार्य पूर्ण होना एक बड़ी उपलब्धि है, जिससे इस पूरे मार्ग पर रेल संपर्क का विस्तार हो गया है।
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर देश के माननीय केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस परियोजना से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए कहा कि यह 95 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही है। इसके विस्तार से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और व्यापार के अवसरों तक पहुंच बेहद आसान हो जाएगी।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस उपलब्धि को दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने वाला अहम कदम बताया है। उन्होंने कहा कि ताड़ोकी–रावघाट खंड का पूरा होना बस्तर सहित पूरे दक्षिण छत्तीसगढ़ के लिए विकास के नए द्वार खोलेगा।
इसके साथ ही केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू और क्षेत्र के सांसदों ने भी इस पर प्रसन्नता जताते हुए कहा है कि यह परियोजना जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के जीवन में सकारात्मक सुधार लायेगी।
दल्ली राजहरा–ताड़ोकी के बीच पहले से यात्री रेल सेवा संचालित हो रही है। अब अंतिम खंड (ताड़ोकी–रावघाट) के पूरा होने से रायपुर और भिलाई जैसे प्रमुख शहरों के साथ इस क्षेत्र का संपर्क और अधिक मजबूत हो गया है।
साथ ही यह रेल मार्ग भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के लिए लौह अयस्क के परिवहन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे इस्पात उद्योग को बेहतर लॉजिस्टिक सहयोग मिलेगा। साथ ही, कृषि उपज और स्थानीय व्यावसायिक वस्तुओं के परिवहन से व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
कनेक्टिविटी से क्षेत्र में पर्यटन, नए निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसरों को बल मिलेगा, जिससे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को तेजी मिलेगी।
दल्ली राजहरा–रावघाट रेल परियोजना दूरस्थ क्षेत्रों में रेल अधोसंरचना के विस्तार के माध्यम से आमजन को आधुनिक सुविधाएं और विकास के समान अवसर उपलब्ध कराने की भारतीय रेल की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।