प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षक राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित, चार शिक्षकों को मिला राज्य शिक्षक सम्मान

लोकभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन
राज्यपाल ने कहा- AI के युग में शिक्षक बनें विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग की दें सीख

रायपुर। लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आज सम्मानित कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समारोह में वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। चार उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा भी की।

राज्य स्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों को विशिष्ट राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के राजेश कुमार प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कोरबा जिले के कामता प्रसाद जायसवाल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार, दुर्ग जिले की प्रज्ञा सिंह को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की प्रियंका गोस्वामी को गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके साथ ही प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक तथा सहायक शिक्षक एल.बी. संवर्ग के कुल 63 उत्कृष्ट शिक्षकों रायपुर के महेन्द्र कुमार पटेल, भारती अग्रवाल, धमतरी के रजिता साहू, लीलाराम साहू, सारंगगढ़ बिलाईगढ़ के हेमंत कुमार श्रीवास, सरिता सिदार, राजनांदगाँव के थंगेश्वर कुमार, कोनिका सोनी, दंतेवाडा़ के कैलाश कुमार नीलम, सुमन चौधरी, कबीरधाम के चंद्रिका प्रसाद चंद्रवंशी, संतोष कुमार साहू, सरगुजा के अजय कुमार कश्यप, रेखा राय, नारायणपुर के विरेन्द्र निषाद, जशपुर के संतोषी डनसेना, रवि गुप्ता, कोरिया के जया मिश्रा, पूनम पांडेय, मनेन्द्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी के सुजीत साहू, खैरागढ़ छुईखदान गंडई के मोहन जंघेल, पदमा साहू, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी के भजनलाल साहू, योगेन्द्र देवांगन, बलरामपुर रामानुजगंज के संजय श्रीवास्तव, अमृता निकुंज, दुर्ग के कुमुद साहू, पवन सिंह, कोरबा के कौशिल्या खुराना, जितेन्द्र साहू, सूरजपुर के गोपाल सिंह, योगेश साहू, बलौदाबाजार भाटापारा के कन्हैया लाल साहू, विशेश्वर साहू, मुंगेली के रघुनाथ राठौर, वंदिता शर्मा, कोंडागांव के हीरालाल चुरेन्द्र, सूरजलाल नेताम, रायगढ़ के आरती साहू, ओमकुमारी पटेल, सुकमा के परिणीता कश्यप, सविता उसेंडी, गरियाबंद के ओमेश्वरी साहू, अनिल अवस्थी, सक्ती के छविलाल राठौर, पिललाल पंटेल, बालोद के नेमसिंह साहू, खेमंत साहू, जांजगीर चांपा के गुलजार बरेठ, अंजू किरण, बेमेतरा के शीतल बेंस, आंचल वर्मा, महासमुंद के नीलाम्बर नायक, लक्ष्मण दास मानिकपुरी, बिलासपुर के जयकुमार कौशिक, प्रवीण मिश्रा, बस्तर के बुधराम कश्यप, कामेश्वरी कश्यप, कांकेर के प्रेमप्रकाश साहू, बोधनलाल साहू, गौरेला पेंड्रा मरवाही के धर्मेन्द्र कुमार कैवर्त्य, शिव नारायण सिंह और बीजापुर के अनिल जाटव, केदारनाथ देशमुख को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका भी व्यापक हो रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस दौर में शिक्षकों और विद्यार्थियों का नई तकनीकों से परिचित होना आवश्यक है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी तकनीक का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और मानवीय मूल्यों के अनुरूप उपयोग है। उन्होंने कहा कि AI हमारा सहायक बने, हमारा नियंत्रक नहीं। शिक्षक विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग ज्ञान अर्जित करने, नवाचार करने और अपने व्यक्तित्व को निखारने के लिए प्रेरित करें।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस पर सभी गुरुजनों को शुभकामनाएं दीं और राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सम्मान शिक्षकों के समर्पण, कठिन परिश्रम, नवाचार और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान है। शिक्षक वास्तव में राष्ट्र और नई पीढ़ी के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा परंपरा अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली रही है। हमारे यहां शिक्षा का उद्देश्य कभी केवल डिग्री या नौकरी प्राप्त करना नहीं रहा, बल्कि व्यक्ति को ज्ञानवान, संस्कारवान, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाना रहा है।

समारोह को स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने भी संबोधित किया। समारोह में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी ने आभार प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के विशेष सचिव संतोष देवांगन सहित विभागीय अधिकारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।