‎सफलता के लिए आत्मविश्वास‎ जरूरी है

मुनि श्रेयांशप्रभ जी का चातुर्मासिक प्रवचन
‎
‎राजनांदगाव। खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर जी के सुशिष्य श्रेयांशप्रभ सागर जी ने कहा कि हमें खुद पर आत्मविश्वास होना जरूरी है तभी हम सफलता की सीढ़ी चढ़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास होना चाहिए लेकिन अति आत्मविश्वास (ओवर कॉन्फिडेंस) नहीं होना चाहिए। ओवर कॉन्फिडेंस कभी-कभी आपको खतरे में भी डाल सकता है।
‎मीडिया प्रभारी विमल हाजरा ने बताया कि ज्ञान वल्ल्भ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन की कड़ी में आज मुनि श्री श्रेयांशप्रभ सागर जी ने फरमाया कि ओवर कॉन्फिडेंस का मतलब है एक ऐसी कल्पना जो हमारी आंखों के सामने आ तो जाती है और मौका आने पर बीच में ही छोड़कर चली भी जाती है। उन्होंने कहा कि आपका आत्मविश्वास आपको आगे बढ़ाता है और आप धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। आत्मविश्वास और नियमितता दोनों साथ-साथ होते हैं।
‎ मुनि श्री ने कहा कि हर व्यक्ति को अपना काम स्वयं ही करना चाहिए। उसे कार्य को करने का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने कहा कि कोई कार्य नियमित होता है तो व्यक्ति को उस कार्य को करने का आत्मविश्वास बढ़ जाता है और वह पूरी सजकता से उस कार्य को बिना किसी त्रुटि के पूर्ण करता है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को पूरे आत्मविश्वास के साथ करो और लक्ष्य की ऒर आगे बढ़ो।