
प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
“हम केवल स्टार्स के साथ काम करते हैं, आउटसाइडर्स के ऑडिशन नहीं लेते।”
ये जवाब आयुष्मान खुराना को करियर के शुरुआती दिनों में एक बड़े प्रोडक्शन हाउस से मिला था,
दरअसल, जब आयुष्मान बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रहे थे तब एक अवार्ड फंक्शन के दौरान उनकी मुलाकात मशहूर निर्देशक निर्माता करण जौहर से हुई थी।
आयुष्मान ने उनसे काम मांगा, तो करन ने उन्हें अपने ऑफिस का एक नंबर दे दिया. जब आयुष्मान ने बेहद उम्मीद के साथ उस नंबर पर फोन किया तब उन्हें कहा गया कि वो आउटसाइडर्स के साथ काम नहीं करते।
लेकिन आज वे हिंदी सिनेमा के सबसे सफल अभिनेताओं में से एक हैं..
आयुष्मान खुराना हिंदी सिनेमा के सबसे टैलेंटेड और लीक से हटकर फिल्में करने वाले एक्टर्स में से एक हैं।
14 सितंबर 1984 को चंडीगढ़ में जन्मे आयुष्मान कल अपना 42वां जन्मदिन मना रहे हैं।
उन्होंने अपनी पढ़ाई चंडीगढ़ के DAV कॉलेज से की..और पढ़ाई के दौरान ही आयुष्मान ने आगाज़ और मंचतंत्र नाम के दो बड़े थिएटर ग्रुप्स शुरू किए थे जो आज भी ऐक्टिव हैं।
वे चंडीगढ़ में नुक्कड़ नाटक भी किया करते थे। क्योंकि उनका मानना है कि सड़क पर राह चलती भीड़ को रोककर अपनी एक्टिंग से बांधे रखना सबसे मुश्किल काम होता है, और इसी ने उन्हें एक बेखौफ परफॉर्मर बनाया,
उनका सबसे मशहूर नाटक अंधा युग था जिसमें उन्होंने अश्वत्थामा का किरदार निभाया था और जिसके लिए उन्हें आईआईटी बॉम्बे के प्रसिद्ध फेस्टिवल मूड इंडिगो में बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला था।
आयुष्मान ने अपने करियर की शुरुआत साल 2004 में मशहूर रियलिटी शो MTV Roadies के सीजन 2 के विजेता के रूप में की थी।
रोडीज़ जीतने के बाद भी आयुष्मान को फिल्मों में काम लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। उन्होंने दिल्ली में एक RJ के रूप में काम करना शुरू किया, जहाँ उनका शो बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद वे मुंबई आकर पहले वीजे बने बाद में टीवी होस्ट के रूप में पहचान बनाई।
वे इंडियाज़ गॉट टैलेंट जैसे बड़े रियलिटी शोज़ होस्ट कर रहे थे, लेकिन उनका लक्ष्य बड़े पर्दे पर एक्टिंग करना था।
साल 2012 में आयुष्मान ने निर्देशक शूजीत सरकार की फिल्म विक्की डोनर से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। यह फिल्म एक स्पर्म डोनर के सब्जेक्ट पर आधारित थी।
जब आयुष्मान को ये रोल मिला, तो एक मजेदार इत्तेफाक सामने आया। उन्होंने निर्देशक को बताया कि साल 2004 में रोडीज़ शो में उन्हें एक टास्क मिला था जिसमें वो वे असल जिंदगी में भी इलाहाबाद में स्पर्म डोनेट कर चुके हैं।
यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर रही और जॉन अब्राहम के प्रोडक्शन की इस पहली फिल्म से आयुष्मान स्टार बन गए।
आयुष्मान सिर्फ एक अच्छे एक्टर ही नहीं, बल्कि बेहतरीन सिंगर भी हैं।
फिल्म विक्की डोनर का मशहूर गाना पानी दा रंग…आयुष्मान और उनके दोस्त रोचक कोहली ने साल 2003 में कॉलेज के दिनों में हॉस्टल के कमरे में ही कंपोज़ किया था। दोनों अक्सर कॉलेज कैंटीन या हॉस्टल के कमरों में गिटार बजाकर इसे गाते थे
शूटिंग के दौरान जब आयुष्मान ने इसे शूजीत सरकार को बातों-बातों में बताया कि वे गाने भी लिखते और कंपोज़ करते हैं। जब उन्होंने शूजीत सरकार को यह गाना गिटार पर गाकर सुनाया तो उन्हें ये गाना इतना पसंद आया कि इसे फिल्म में रख लिया।
कॉलेज के दिनों का यह अनऑफिशियल गाना जब 2012 में रिलीज हुआ, तो इसने कई हफ़्तों तक म्यूजिक चार्ट्स पर राज किया और आयुष्मान को सीधे फिल्मफेयर बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अवॉर्ड दिला दिया…
जबकि एक दौर ऐसा भी था कि उन्हें इंडियन आइडल जैसे शो में रिजेक्ट कर दिया गया था…
आयुष्मान खुद को शाहरुख खान का बहुत बड़ा फैन मानते हैं।
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वे मुंबई में स्ट्रगल कर रहे थे, तो वे जुहू में शाहरुख खान की फिल्म ओम शांति ओम का एक बड़ा होर्डिंग देखा करते थे और सोचते थे कि एक दिन उनका भी ऐसा होर्डिंग लगेगा।
उनका यह सपना तब सच हुआ जब ठीक उसी जगह पर उनकी पहली फिल्म विक्की डोनर का पोस्टर लगा। उस वक्त अपनी आंखों के सामने अपना पोस्टर देख आयुष्मान बेहद भावुक हो गए थे।
बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के बाद आयुष्मान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उन्होंने दम लगा के हइशा, बधाई हो और ड्रीम गर्ल जैसी कई सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ती फिल्में कीं।
उनकी सबसे बेहतरीन फिल्म अंधाधुन मानी जाती है, लेकिन वे इस रोल के लिए पहली पसंद नहीं थे। जब उन्हें पता चला कि निर्देशक श्रीराम राघवन एक अंधे पियानो प्लेयर की फिल्म बना रहे हैं, तो आयुष्मान ने खुद उन्हें मैसेज करके कहा था कि वो भी इस फिल्म का ऑडिशन देना चाहते हैं।
इस रोल के लिए उन्होंने 2 महीने तक काले चश्मे पहनकर और आँखें बंद करके पियानो बजाने की ट्रेनिंग ली, ताकि उनके हाथों के मूवमेंट बिल्कुल एक अंधे व्यक्ति जैसे लगें। उनकी इस शानदार एक्टिंग के लिए उन्हें National Award भी मिला।
कभी वो दिन भी थे जब करियर के शुरुआती दिनों में वे ऑडिशन देते थे, तो कई कास्टिंग डायरेक्टर्स उन्हें यह कहकर रिजेक्ट कर देते थे कि
“उनकी भौहें बहुत घनी हैं और उनका पंजाबी एक्सेंट बहुत स्ट्रॉन्ग है, इसलिए वे लीड एक्टर नहीं बन सकते।”
और आज आयुष्मान को बॉलीवुड में ऐसे किरदारों के लिए जाना जाता है, जिन्हें आम तौर पर बाकी अभिनेता करने से कतराते हैं। उन्होंने सामाजिक रूढ़ियों और टैबू विषयों पर कई बेहतरीन फिल्में दी हैं
आयुष्मान खुराना की एक बात जो हर किसी का दिल जीत लेती है, वो है उनकी बेदाग छवि।
वे फिल्म इंडस्ट्री में इतने सालों से हैं..इतने हैंडसम, खुशमिजाज और टैलेंटेड हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक उनका नाम कभी किसी को-स्टार या विवाद के साथ नहीं जुड़ा।
उन्होंने अपनी बचपन की दोस्त और जानी-मानी लेखिका व फिल्ममेकर ताहिरा कश्यप से साल 2008 में शादी की थी।
बॉलीवुड की इस चकाचौंध भरी दुनिया में भी आयुष्मान ने हमेशा खुद को किसी भी तरह के अफेयर की गॉसिप से दूर रखा और अपने रिश्ते के प्रति पूरी तरह वफादार रहे।
आज उनके दो बच्चे बेटा विराजवीर और बेटी वरुष्का हैं और यह कपल पूरी इंडस्ट्री के लिए एक मिसाल है। ❤️❤️
चंडीगढ़ की सड़कों पर नुक्कड़ नाटक करने से लेकर नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली इस ड्रीम गर्ल आयुष्मान खुराना को जन्मदिन की शुभकामनाएँ
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