डोंगरगढ़ में गोविंदा उत्सव बना “जीरो-इंसिडेंट” आयोजन

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की सुरक्षा में राजनांदगांव पुलिस की अभूतपूर्व व्यवस्था

राजनांदगाँव/डोंगरगढ़। धार्मिक आस्था, उल्लास और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया जाने वाला गोविंदा उत्सव एवं कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव इस वर्ष डोंगरगढ़ में बिना किसी अप्रिय घटना, विवाद अथवा बड़ी कानून-व्यवस्था संबंधी समस्या के शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। लगभग 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं एवं नागरिकों की दिन-रात आवाजाही के बावजूद पूरे आयोजन को Zero Incident के रूप में सम्पन्न कराना राजनादगांव पुलिस की सुनियोजित सुरक्षा व्यवस्था, सतत निगरानी एवं समन्वित पुलिसिंग का परिणाम रहा।

5 सितम्बर 2026 को डोंगरगढ़ में आयोजित गोविंदा उत्सव एवं कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम के दौरान दोपहर 12 बजे से रात्रि 4 बजे तक नगर के प्रमुख क्षेत्रों में शोभायात्रा एवं विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। शोभायात्रा के साथ-साथ आत्मानंद स्कूल मैदान, गोल बाजार चौक, नाकापारा, देवेश्वरी पारा, देव नगर, रेलवे स्टेशन सहित लगभग पांच प्रमुख स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित हुए।

उत्सव के दौरान डोंगरगढ़ नगर में 50 हजार से अधिक लोगों की भीड़ लगातार बनी रही। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं आम नागरिकों की उपस्थिति के बावजूद किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, गंभीर विवाद, भगदड़, दुर्घटना अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।

पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा के दिशा-निर्देशन एवं मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा आयोजन से लगभग एक सप्ताह पूर्व ही विस्तृत सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की रूपरेखा तैयार कर ली गई थी। गोविंदा उत्सव समिति के आयोजकों, डीजे एवं साउंड संचालकों तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ बैठक आयोजित कर कार्यक्रम की सम्पूर्ण रूपरेखा, मार्ग एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।पुलिस द्वारा आयोजन स्थल, शोभायात्रा मार्ग एवं भीड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन एवं सतत निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई। संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ अधिकारियों द्वारा लगातार मौके पर उपस्थित रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी की गई।

आयोजन को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराने के लिए 300 से अधिक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी केसरी नंदन नायक, नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन, उप पुलिस अधीक्षक एंब्रोस कुजूर, केके बाजपेयी, सतानंद विंध्यराज, उप पुलिस अधीक्षक सुमन जायसवाल सहित जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी प्रभारी तथा पुलिस बल लगातार मैदान में सक्रिय रहे।

अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा शोभायात्रा के पूरे मार्ग, प्रमुख चौक-चौराहों एवं कार्यक्रम स्थलों पर लगातार निगरानी रखते हुए भीड़ को नियंत्रित एवं व्यवस्थित रखा गया तथा यातायात को सुचारु बनाए रखा गया।

डोंगरगढ़ जैसे धार्मिक एवं पर्यटन महत्व वाले शहर में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच किसी भी अप्रिय घटना का न होना पुलिस की पूर्व तैयारी, प्रभावी सुरक्षा रणनीति, बेहतर भीड़ प्रबंधन और मैदानी पुलिसिंग का प्रमाण है।राजनादगांव पुलिस की मुस्तैदी और आम नागरिकों के सहयोग से गोविंदा उत्सव
शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं पूर्णतः जीरो-इंसिडेंट आयोजन के रूप में सम्पन्न हुआ।राजनांदगांव पुलिस की यह सफलता धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।