
प्रीति सिंह, गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
साल 2019 की एक रात पुणे के एक आलीशान अपार्टमेंट से पुलिस के पास एक फोन जाता है। फोन करने वाले कोई और नहीं, बल्कि 70-80 के दशक की मशहूर अभिनेत्री रंजीता के पति राज मसंद थे। उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे पर मारपीट करने और चौथे फ्लोर से धक्का देने का आरोप लगाया था..
देखते ही देखते यह खबर अखबारों और टीवी चैनलों की हेडलाइन बन गई थी क्योंकि रंजीता कोई आम सीनियर सिटीज़न नहीं थी बल्कि अपने दौर की हिट हीरोइन मानी जाती थी लेकिन उनका करियर कुछ ज्यादा नहीं चल पाया।
रंजीता का जन्म 22 सितंबर 1956 को पंजाब में हुआ था। उनका नाम रंजीता मिर्जा था, लेकिन फिल्मों में आने के बाद उन्होंने अपनी मां का सरनेम कौर अपना लिया
रंजीता बचपन से ही हीरोइन बनना चाहती थी इसीलिए उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के बाद पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में एडमिशन ले लिया।
शिमला की रहने वाली रंजीता वहां एक्टिंग सीख रही थीं, तभी फिल्म निर्देशक एच. एस. रवैल अपनी प्रेम-कहानी पर आधारित फिल्म लैला मजनू बनाने की तैयारी कर रहे थे।
फिल्म के लिए उन्होंने लीड रोल में ऋषि कपूर को तो साइन कर लिया था लेकिन उन्हें लैला के किरदार के लिए एक बिल्कुल नए और मासूम चेहरे की तलाश थी
एच. एस. रवैल अपनी फ़िल्म की एक्ट्रेस की तलाश में FTII पुणे पहुंचे। वहां उन्होंने रंजीता कौर को देखा और उनका स्क्रीन टेस्ट लिया। रंजीता के तीखे नैन-नक्श और उनकी सादगी निर्देशक को इतनी पसंद आई कि उन्होंने रंजीता को ऋषि कपूर के अपोजिट चुन लिया।
साल 1976 में जब लैला मजनू रिलीज हुई, तो ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई। फिल्म के गाने जैसे कोई पत्थर से ना मारे मेरे दीवाने को…और ऋषि कपूर के साथ रंजीता की केमिस्ट्री को दर्शकों ने बेहद पसंद किया।
उनकी पहली ही फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड में इंडस्ट्री की लैला के रूप में स्थापित कर दिया, उस समय हर कोई लैला का दीवाना हो गया।
लैला मजनू की सफलता के बाद रंजीता बॉलीवुड का एक जाना-माना नाम बन गईं।
इस पहली फिल्म की कामयाबी के बाद राजश्री प्रोडक्शंस ने उन्हें अपनी फिल्म अंखियों के झरोखों से ,के लिए तुरंत साइन कर लिया
इस फिल्म में सचिन पिलगांवकर के साथ उनकी जोड़ी अमर हो गई और इस फिल्म के टाइटल ट्रैक लोगों की ज़ुबाँ पर चढ़ गया जो आज भी बेहद लोकप्रिय है।
इसके बाद उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती के साथ तराना, सुरक्षा जैसी कई बड़ी हिट फिल्में दी.. अमिताभ बच्चन की सत्ते पे सत्ता, संजीव कुमार की पति पत्नी और वो, उस समय रंजीता ने हर बड़े कलाकार के साथ स्क्रीन शेयर की और अपनी एक अलग पहचान बनाई।
बॉलीवुड में रंजीता को लेकर अक्सर ये चर्चा रहती थी कि वो अपने काम को लेकर काफी सख्त और थोड़े गर्म मिजाज की थीं।
80 के दशक में जब फिल्मों का ट्रेंड बदला और अभिनेत्रियों से फिल्मों में बोल्ड सीन देने की मांग की जाने लगी, तो रंजीता न बोल्ड सीन करने से मना कर दिया। उनकी इस जिद और निर्माताओं के साथ मतभेदों के कारण धीरे-धीरे उन्हें फिल्में मिलना बंद हो गईं और उनका करियर ढलान पर आ गया।
80 के दशक के अंत तक आते-आते साल 1990 में उन्होंने बिजनेसमैन राज मसंद से शादी कर ली उनका एक बेटा है जिसका नाम स्काई मसंद है।
शादी के बाद वो धीरे-धीरे फिल्मों से दूर हो गईं और अपने परिवार के साथ अमेरिका में शिफ्ट हो गई थीं, जहां वे 7-Eleven स्टोर्स की एक चेन चलाते थे। हालांकि, कुछ साल पहले वे वापस भारत लौट आए और अब पुणे के कोरेगांव पार्क में रहते हैं,।
लगभग 15 साल के लंबे ब्रेक के बाद, उन्होंने 2005 में फिल्म अंजाने द अननोन से वापसी की।
इसके बाद वह 2011 में अंखियों के झरोखों से की सीक्वल फिल्म जाना पहचाना में दोबारा सचिन के साथ नजर आईं।
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